करमा–धरमा पर्व की उमंग इस बार बांका जिले में मातम में बदल गई। नहाय–खाय के अवसर पर जिले के अलग-अलग इलाकों में स्नान करने गए चार मासूमों की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। तीन अलग-अलग घटनाओं में यह हादसे हुए। एक ही दिन घटी इन हृदयविदारक घटनाओं ने परिवारों के साथ-साथ पूरे गांव को शोकाकुल कर दिया।
पहली घटना : सिरादे गांव में छह वर्षीय अभय की मौत
दूसरी घटना : सेनचक गांव में दो बच्चियों की डूबकर मौत
धनकुंड थाना क्षेत्र के सेनचक गांव स्थित पचरूखी नहर पुल के पास करमा पर्व के मौके पर कई बच्चियां स्नान करने गई थीं। इस दौरान कटहरा गांव निवासी योगेंद्र तांती की पुत्री गोरी कुमारी और अमित राम की पुत्री प्रिया कुमारी गहरे पानी में चली गईं और डूब गईं। अन्य बच्चियों के शोर मचाने पर परिजन और ग्रामीण पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद दोनों का शव बाहर निकाला। सूचना पाकर धनकुंड थाना पुलिस और धोरैया प्रखंड के अंचलाधिकारी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सरकारी सहायता का भरोसा दिलाया।
तीसरी घटना : बदलाचक गांव में दो बहनें डूबीं, एक की मौत
फुल्लीडुमर प्रखंड के राता पंचायत के बदलाचक गांव में मंगलवार को ओड़खाना बांध पर स्नान करने गईं पिंटू कापरी की दो पुत्रियां अंशु कुमारी (15) और सोनाक्षी कुमारी (12) गहरे पानी में डूब गईं। ग्रामीणों ने दोनों बहनों को बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फुल्लीडुमर पहुंचाया। जहां सोनाक्षी की हालत गंभीर होने पर उसे बांका सदर अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान सोनाक्षी की मौत हो गई, जबकि अंशु की स्थिति फिलहाल सामान्य बताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही बेलहर विधायक मनोज यादव, प्रखंड प्रमुख गौतम प्रकाश सहित कई जनप्रतिनिधि अस्पताल पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी।
पर्व की खुशियां मातम में बदलीं
करमा–धरमा पर्व की उमंग इन हादसों से गहरे दुख में बदल गई। एक ही दिन में चार मासूमों की जान चली गई। घटनाओं के बाद गांव-गांव में मातम का माहौल है। परिजन दहाड़ मारकर रो रहे हैं और पूरे इलाके में गम का साया है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।