शांति मार्च निकालते मृत मजदूर हरीनंदन के परिजन और ग्रामीण
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हिमाचल प्रदेश के ऊना में बीते 12 दिसबंर को हुई बिहार प्रदेश के बेतिया जिले के मजदूर कुंडिलपुर बरगजवा निवासी हरीनंदन राम की मौत मामले में परिजन और ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर है। शनिवार को भारी संख्या में परिजनों के साथ ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए मार्च निकाला। कुंडिलपुर गांव से निकला मार्च नरकटियागंज अनुमंडल कार्यालय पहुंचा और धरना में तब्दील हो गया।
जानकारी के मुताबिक, मार्च का नेतृत्व मुखिया प्रतिनिधि अभय सिंह, अखिल भारतीय आदिवासी गोंड महासभा के जिलाध्यक्ष शंभु प्रसाद और मृतक हरीनदंन की पत्नी शांति देवी कर रहे थे। इसमें सैकड़ों की संख्या में शामिल लोग हत्या मामले के केस का स्थानातंरण हिमाचल प्रदेश के टाहलीवाल से शिकारपुर थाने में करने (एससी/एसटी एक्ट के तहत), पोस्टमार्टम रिपोर्ट मंगवाने, मृतक के परिवार को सरकारी नौकरी दिलाने और मुआवजा की मांग कर रहे थे। गुस्साए लोगों ने एसडीएम सूर्य प्रकाश गुप्ता को मांग पत्र सौंप कार्रवाई की मांग की। गौरतलब हो कि बीते 12 दिसंबर को शिकारपुर थाना क्षेत्र के कुंडिलपुर निवासी मजदूर हरीनंदन राम (40) की हिमाचल प्रदेश के ऊना में गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।
मामूली विवाद में मालिक ने मारी थी गोली
हरीनदंन को उसके फैक्ट्री मालिक ने मामूली विवाद को लेकर गोली मार दी। ऊना जिले के हरोली थाना क्षेत्र के टाहलीवाल निवासी राईस मिल मालिक संत प्रकाश ने चावल में धान का अंश होने पर पहले हरीनंदन के साथ मारपीट की। फिर गोली मार हत्या कर दी। इधर, पीड़ित परिवार जब हिमाचल प्रदेश में केस के बारे में जानकारी लेने गया तो वहां उन्हें किसी प्रकार की मदद नहीं मिली। इससे आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने मार्च निकालकर विरोध जताया।