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बिहार: एसडीएम की कुर्सी पर विधायक! वायरल तस्वीर ने मचाया सियासी बवाल, रोहिणी आचार्य ने सरकार को घेरा

Mon, 07 Sep 2026 10:57 PM IST
प्रतीक पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेगूसराय

सार

Bihar News: बेगूसराय के तेघड़ा एसडीएम कार्यालय की एक तस्वीर वायरल होने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। तस्वीर में भाजपा विधायक रजनीश कुमार एसडीएम की कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे हैं। आरजेडी नेता रोहिणी आचार्य ने इसे लेकर सरकार पर निशाना साधा है, जबकि किसी नियम के उल्लंघन की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
 
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एसडीएम की कुर्सी पर बैठे विधायक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के बेगूसराय से सामने आई एक तस्वीर ने बाढ़ के बीच राज्य की सियासत में नया तूफान खड़ा कर दिया है। तेघड़ा एसडीएम कार्यालय में भाजपा विधायक रजनीश कुमार के एसडीएम की कुर्सी पर बैठे नजर आने वाली तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विपक्ष ने इसे प्रशासनिक मर्यादा और प्रोटोकॉल से जोड़ते हुए सरकार पर जोरदार हमला बोला है। तस्वीर उस समय की बताई जा रही है, जब तेघड़ा अनुमंडल क्षेत्र में गंगा के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की स्थिति को लेकर प्रशासनिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी।
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बैठक की तस्वीर वायरल होते ही बढ़ा विवाद
तस्वीर में विधायक रजनीश कुमार के साथ प्रशासनिक अधिकारी एवं अन्य लोग दिखाई दे रहे हैं। बैठक से जुड़ी तस्वीरें विधायक की ओर से सोशल मीडिया पर साझा किए जाने के बाद मामला तेजी से राजनीतिक मुद्दा बन गया। तस्वीर में एसडीएम कार्यालय की कुर्सी पर विधायक के बैठे होने को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं।

रोहिणी आचार्य ने सरकार पर साधा निशाना
आरजेडी नेता रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के लोगों को नियम-कायदों के उल्लंघन की खुली छूट मिली हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सरकारी कार्यालय में अधिकारी की निर्धारित कुर्सी पर जनप्रतिनिधि बैठता है तो क्या यह प्रशासनिक प्रोटोकॉल और सरकारी मर्यादा के अनुरूप है? रोहिणी आचार्य ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था में सत्ता और प्रशासन के बीच निर्धारित सीमाओं से जोड़ते हुए सरकार को घेरा है।
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बाढ़ की समीक्षा बैठक बनी ‘कुर्सी विवाद’ की वजह
सबसे दिलचस्प बात यह है कि जिस बैठक का मकसद गंगा के बढ़ते जलस्तर, बाढ़ की स्थिति और राहत-बचाव व्यवस्था की समीक्षा करना था, उसकी तस्वीर अब राजनीतिक बयानबाजी का केंद्र बन गई है। बेगूसराय में गंगा का जलस्तर लगातार चिंता बढ़ा रहा है। ऐसे समय में प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की बैठक महत्वपूर्ण थी, लेकिन बैठक के बाद सामने आई तस्वीर ने बाढ़ के मुद्दे से ज्यादा प्रशासनिक प्रोटोकॉल को चर्चा में ला दिया।

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वायरल तस्वीर के बाद उठ रहे ये सवाल
क्या एसडीएम की निर्धारित कुर्सी पर जनप्रतिनिधि का बैठना उचित था? क्या बैठक में प्रशासनिक प्रोटोकॉल का पालन हुआ? क्या तस्वीर को लेकर जिला प्रशासन कोई स्पष्टीकरण देगा? क्या विपक्ष के आरोपों पर भाजपा विधायक या प्रशासन की ओर से जवाब आएगा? बाढ़ जैसे गंभीर मुद्दे की समीक्षा बैठक आखिर राजनीतिक विवाद में कैसे बदल गई?
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फिलहाल वायरल तस्वीर ने बिहार की राजनीति में एक नया सवाल जरूर खड़ा कर दिया है। तस्वीर को लेकर राजनीतिक आरोप लग रहे हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर किसी नियम के उल्लंघन की पुष्टि सामने नहीं आई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि भाजपा विधायक, तेघड़ा प्रशासन या जिला प्रशासन इस पूरे मामले पर क्या सफाई देता है।


 
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