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बाढ़ का खतरा : बिहार के औद्योगिक जिले को बाढ़ से बचाने की बड़ी तैयारी; गंगा के तेवर की बेगूसराय में निगरानी

Wed, 26 Aug 2026 06:03 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेगूसराय

सार

गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बेगूसराय जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। संभावित बाढ़ से निपटने के लिए 39 पंचायतों के 189 गांवों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने नाव, राहत शिविर, सामुदायिक रसोई और मेडिकल टीम समेत जरूरी संसाधनों की व्यवस्था पूरी कर ली है।
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बेगूसराय: बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। - फोटो : अमर उजाला
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बेगूसराय में गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। संभावित बाढ़-2026 से निपटने के लिए प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में जिला पदाधिकारी ने साम्हो प्रखंड का निरीक्षण कर बाढ़ की संभावित स्थिति, नाव परिचालन और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

प्रशासन ने पूर्व के अनुभवों और उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर जिले के आठ प्रखंडों की 39 पंचायतों को संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया है। इनमें 37 ग्राम पंचायत और दो नगर पंचायत शामिल हैं। इन पंचायतों के कुल 189 गांवों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

267 नावें रहेंगी उपलब्ध

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बाढ़ की स्थिति में लोगों के सुरक्षित आवागमन और बचाव कार्य के लिए जिले में कुल 267 नावों की व्यवस्था की गई है। इनमें 21 सरकारी नावें, निजी नाव मालिकों के साथ एकरारनामा के तहत 239 नावें और सात मोटरबोट शामिल हैं। साहेबपुर कमाल प्रखंड की समस्तीपुर और संदलपुर पंचायतों में आम लोगों के आवागमन के लिए पांच नावें नि:शुल्क उपलब्ध कराई गई हैं।

228 सामुदायिक रसोई, 80 राहत शिविर
बाढ़ पीड़ितों को भोजन और आश्रय उपलब्ध कराने के लिए 228 सामुदायिक रसोई केंद्र और 80 राहत शिविर चिह्नित किए गए हैं। ड्राई राशन पैकेट तैयार करने के लिए 26 स्थल तथा आपात स्थिति में हवाई सहायता के लिए 18 हेलीपैड स्थल भी चिह्नित किए गए हैं। प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने के लिए 41,880 पॉलिथीन शीट उपलब्ध हैं।

स्वास्थ्य और पशुधन के लिए भी तैयारी

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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 62 मोबाइल मेडिकल टीम, 19 अस्थायी और 29 स्थायी मेडिकल कैंप तैयार रखे गए हैं। आपात स्थिति के लिए 122 प्रकार की जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। पशुओं के उपचार के लिए 52 पशु चिकित्सा कैंप चिह्नित किए गए हैं तथा 44 प्रकार की पशु दवाएं उपलब्ध हैं। पशुधन के लिए 2,500 क्विंटल पशुचारा भी भंडारित किया गया है।

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जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को पूरी तत्परता के साथ कार्य करने और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ राहत और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की पूरी तैयारी की गई है।

प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। जलभराव तथा तेज जलधारा वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचें। किसी भी आपात स्थिति में जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के दूरभाष 9279808780 पर संपर्क किया जा सकता है।

 

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