फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बख्तियारपुर का नाम बदलने की मांग: मंत्री सुमन बोले- ‘नीतीशपुर’ हो नाम, नीतीश कुमार की जन्मभूमि को मिले सम्मान

Wed, 09 Sep 2026 04:42 PM IST
पटना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला पटना

सार

बिहार सरकार के मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने बख्तियारपुर का नाम बदलकर ‘नीतीशपुर’ करने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सामने यह प्रस्ताव रखते हुए कहा कि बख्तियारपुर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जन्मभूमि है और इसे उनके नाम से सम्मानित किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व संतोष कुमार सुमन। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिहार सरकार में लघु जल संसाधन मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार सुमन ने बख्तियारपुर का नाम बदलकर ‘नीतीशपुर’ करने की मांग की है। उन्होंने बुधवार को सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के समक्ष यह प्रस्ताव रखा। संतोष सुमन ने कहा कि बख्तियारपुर सिर्फ एक भौगोलिक पहचान नहीं, बल्कि बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार की जन्मभूमि है।

मंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में बिहार की राजनीति, विकास और शासन को नई दिशा दी। उनकी जीवन-यात्रा, संघर्ष और अनेक स्मृतियां बख्तियारपुर से जुड़ी हैं। ऐसे में उनकी जन्मभूमि को उनके नाम से सम्मानित करना केवल नाम बदलने की कवायद नहीं होगी, बल्कि इस मिट्टी के गौरव, इतिहास और उससे जुड़ी जनभावनाओं का सम्मान होगा।

मुख्यमंत्री के सामने रखा प्रस्ताव

विज्ञापन

डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कहा कि इसी भावना के साथ वह मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सामने बख्तियारपुर का नाम बदलकर ‘नीतीशपुर’ करने का प्रस्ताव रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस धरती ने बिहार को नीतीश कुमार जैसा जननेता दिया, उसकी पहचान भी उनके नाम से होनी चाहिए।

ये भी पढ़ें- बिहार: वर्चस्व की आग में झुलसा बेगूसराय, 16 साल के युवक की गोली लगने से मौत; सड़क पर उतरे परिजन

सोशल मीडिया पोस्ट में क्या कहा?

विज्ञापन
विज्ञापन

संतोष सुमन ने अपनी पोस्ट में लिखा कि ‘बख्तियारपुर’ को ‘नीतीशपुर’ किया जाए, ताकि नीतीश कुमार की जन्मभूमि को उनके योगदान और सार्वजनिक जीवन के सम्मान के रूप में नई पहचान मिल सके। उन्होंने इसे स्थान के गौरव और इतिहास से जुड़ी जनभावनाओं के सम्मान से जोड़ा है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें