देश की मुस्लिम राजनीति में खासा दखल रखने वाले आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ने बिहार में विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है।
औवेसी की पार्टी एमआईएम बिहार के सीमांचल क्षेत्र से चुनाव लड़ेगी। इस बात की घोषणा असदुद्दीन औवेसी ने शनिवार को की। हालांकि औवेसी की पार्टी बिहार में कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी इस बात का उन्होंने अभी खुलासा नहीं किया है।
शनिवार को मीडिया से मुखातिब एमआईएम के अध्यक्ष असदुद्यीन औवेसी ने जानकारी दी वे सीमांचल के चार जिलों में चुनाव लड़ेंगे। औवेसी ने बताया कि बिहार के पूर्वांचल क्षेत्र से ही एमआईएम चुनाव लड़ेगी।
सीटों का जल्द होगा खुलासा
औवेसी ने सीटों को लेकर अभी कोई खुलासा नहीं किया। उन्होंने बताया कि सीटों को लेकर अभी पार्टी स्तर चर्चा होगी, अभी इस बात को लेकर किसी से कोई तालमेल नहीं है, लेकिन जल्द ही सीटों का भी खुलासा कर दिया जाएगा।
सीमांचल से ही चुनाव लड़ने के बारे में औवेसी ने कहा बिहार चुनाव में सभी प्रमुख दलों द्वारा सीमांचल क्षेत्र को नजरअंदाज किया गया है। उनकी पार्टी ने यहां से चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
एमआईएम के बिहार के सीमांचल में चुनाव लड़ने पर जदयू का कहना है कि एमआईएम के चुनाव लड़ने से उनके गंठबंधन को कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
मालूम हो कि बिहार चुनाव लड़ने के ऐलान से पहले एमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार के किशनगंज में रैली भी की थी। इसी रैली से उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने का संकेत दे दिया था।
रैली में ओवैसी ने नीतीश, लालू यादव समेत पीएम मोदी पर भी जमकर हमला बोला था, यही नहीं उन्होंने बिहार के नेताओं की तुलना बन्दर से की थी, उन्होंने कहा था कहा कि सीमांचल को बंदरों की नहीं शेरों की जरुरत है।