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बिहार: ओवैसी बोले- अगर लालू की पार्टी ने मेरी बात सुनी होती, तो तेजस्वी राज्य के मुख्यमंत्री होते

Fri, 03 Dec 2021 06:27 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर ओवैसी ने कहा कि हमसे भाजपा को लाभ नहीं, बल्कि नुकसान ही हो रहा है। 
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एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी - फोटो : ANI
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विस्तार
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आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआइएमआइएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार की राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने  शुक्रवार को कहा कि बिहार चुनाव के दौरान लालू प्रसाद यादव के राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने उनकी बात नहीं मानी। अगर उन्होंने मेरी बात मानी तो आज वे सत्ता में होते और तेजस्वी यादव राज्य के मुख्यमंत्री होते। 

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ओवैसी ने कहा कि मैंने इस मामले में बात करने की कई बार कोशिश की, लेकिन हमारी एक न सुनी गई। यही वजह है कि आज तेजस्वी विपक्ष में है और सत्ता की लड़ाई में पिछड़ते जा रहे हैं। ओवैसी एक समाचार टीवी चैनल के कार्यक्रम में बोल रहे थे। उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर ओवैसी ने कहा कि हमसे भाजपा को लाभ नहीं, बल्कि नुकसान ही हो रहा है। 

बिहार में विवादों में पार्टी के विधायक
इस बीच बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के समापन पर असदुद्दीन ओवैसी की आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआइएमआइएम) के विधायक ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम गाने से इनकार कर दिया। मीडिया रिपोर्ट की मानें, तो सत्र की शुरुआत इस बार राष्ट्रगान के साथ की गई थी। शुक्रवार को समाप्ति पर जब राष्ट्रगीत गाया जाने लगा तो विधायक अख्तरुल ईमान ने इसका विरोध किया। मामले में भाजपा विधायक हरि भूषण ठाकुर बचौल ने कहा कि विधायक का आचरण ठीक नहीं है। हम सभी को राष्ट्र का सम्मान करना चाहिए। उनका व्यवहार देशद्रोह की श्रेणी में आता है।
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राजद ने उठाई यह मांग
वहीं, बिहार में विपक्षी राजद ने शुक्रवार को मांग की कि जिन राजनेताओं ने 14 साल से अधिक समय तक जेल में सजा काट ली है, उन्हें सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के अनुसार तुरंत रिहा किया जाए। आदेश के मुताबिक, संबंधित राज्य सरकारों को ऐसे मामलों पर निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है। यह मुद्दा राज्य विधानसभा में विधायक चेतन आनंद द्वारा उठाया गया था, जिनके पिता आनंद मोहन सिंह को मौत की सजा दी गई थी। जिसे बाद में एक हाई प्रोफाइल हत्या के मामले में आजीवन कारावास में बदल दिया गया था।

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