बिहार में टिकट बंटवारे के खिलाफ आरके सिंह ने अपनी नाराजगी बेशक सबके सामने प्रकट कर दी है। मगर इस मामले में वे अकेले नहीं है।
बताया जा रहा है कि टिकट बंटवारें में हुई अपनी अनदेखी से सूबे से लोकसभा में चुनकर आए भाजपा के 22 में से 18 सांसद आहत हैं। मगर पार्टी अनुशासन से जुड़े होने के कारण वे अपनी वेदना प्रकट नहीं कर पा रहे हैं। बल्कि मौन धारण किए हुए हैं।
सूत्र बता रहे हैं कि इन सांसदों ने चुनावी मामलों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने के बजाय अपनी सक्रियता संगठन के आदेश तक सीमित रखी हुई है। उनके इस मौन का पार्टी को चुनाव में खामियाजा भी भुगतना पड़ सकता है।