गोपालगंज के डीएम रहे जी कृष्णैया की तस्वीर के साथ उनकी पत्नी और उनकी हत्या के आरोपी आनंद मोहन।
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आनंद मोहन की रिहाई के विरोध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाली दिवंगत IAS जी कृष्णैय्या की पत्नी उमा कृष्णैय्या इस मामले में फिर से प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने याचिका स्वीकार होने पर कहा कि यह एक अच्छा संकेत है। सुप्रीम कोर्ट ने केस लड़ने की अनुमति दे दी है। उमा कृष्णैय्या ने कहा कि मुझे न्यायपालिका पर भरोसा है। वह जरूर इस केस में न्याय करेंगे। उनका कहना है कि जब आनंद मोहन को आजीवन कारावास की सजा हुई तो उनकी रिहाई 15 साल में कैसे हो गई। आनंद मोहन को फिर से जेल भेजने के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
IAS अफसरों ने दायर की याचिका
उमा कृष्णैय्या ने याचिका दायर करने के सवाल पर कहा कि हमने व्यक्तिगत रूप से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर नहीं की है बल्कि IAS अफसरों ने की है। मैं यह लड़ाई नहीं लड़ रही, क्योंकि हमें सपोर्ट करने वाला कोई नहीं है। उमा कृष्णैय्या ने स्पष्ट कहा कि मुझे नीतीश सरकार से कुछ नहीं चाहिए। सरकार आनंद मोहन की रिहाई पर फिर से विचार करे। इससे IAS और IPS अफसरों के मनोबल पर असर पड़ेगा। सरकार को उनको साथ में लेकर चलना चाहिए। एक फैसले से IAS अफसरों के मनोबल पर काफी असर पड़ा है।
रिहाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 8 मई को सुनवाई
दिवंगत IAS जी कृष्णैय्या की हत्या के लिए भीड़ को उकसाने के मामले में बाहुबली नेता आनंद मोहन को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। हालांकि बीते दिनों आनंद मोहन को नियमों में बदलाव कर समय से पूर्व रिहा कर दिया गया। जिसके खिलाफ जी कृष्णैय्या की पत्नी उमा देवी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। आनंद मोहन की रिहाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट आठ मई को सुनवाई करेगा।
इलेक्शन में राजपूतों का वोट मिलेगा
इससे पहले भी दिवंगत IAS जी कृष्णैय्या की पत्नी उमा कृष्णैय्या की पत्नी ने कहा था कि आनंद मोहन को नियम में संशोधन कर बाहर लाना, अच्छा डिसीजन नहीं है। अच्छा नहीं लग रहा है। बिहार में कास्ट पॉलिटिक्स है ही। आनंद मोहन राजपूत है और उसके बाहर आने से उसको राजपूत वोट मिलेगा। इसलिए उसे बाहर लाया है। क्रिमिनल को बाहर लाने की क्या जरूरत है। वह भी मुख्यमंत्री इसमें इनवॉल्व हुए। इलेक्शन में राजपूतों का वोट मिलेगा।