कार्यकर्ताओं के साथ साथ पत्रकारों पर भी भड़के आनंद मोहन
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आरा में गुरूवार को अचानक आनंद मोहन के एक कार्यक्रम में अफरातफरी का माहौल हो गया। आनंद मोहन काफी उत्तेजित दिख रहे थे।वह पत्रकारों पर भड़कते हुए कह रहे थे हट हट हटो पीछे...करोगे बहस। वहीं एक दूसरे वीडियो में अपने कार्यकर्ताओं पर गुस्साते हुए कह रहे हैं कि छोड़िये कर लिए आप अपना जिंदाबाद....बीच बीच में कार्यकर्त्ता कह रहे हैं... जाने दीजिये भैया....फिर आनंद मोहन उन्हें मना करते हुए कह रहे थे...नहीं नहीं आपलोग मीटिंग कीजिये इधर मीटिंग चल रही है उधर खाना चल रहा है। इस बीच उनके कार्यकर्ता उन्हें मनाने की कोशिश में लगे हुए हैं लेकिन आनंद मोहन मानने को तैयार नहीं हैं। हलांकि कार्यकर्ताओं के काफी मान मनौव्वल के बाद आंनद मोहन फिर से कार्यक्रम में पहुंचे।
ऐसे भड़क गये आनंद मोहन
आरा के नागरिक प्रचारिणी सभागार में पूर्व सांसद आंनद मोहन गुरूवार को जनसंवाद सह सम्मान समारोह कार्यक्रम में शमिल होने पहुंचे। लेकिन कार्यक्रम में अवाव्स्था को देखकर भड़क गये और बीच में ही कार्यक्रम को छोड़कर बाहर निकल गए। जिसके बाद उनके समर्थक आंनद मोहन को मान मनौव्वल करने में जुट गए। इस दौरान कार्यक्रम में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। मीडिया पर भी भड़के एक तरफ आनंद मोहन और उनके समर्थकों द्वारा मान मनौव्वल किया जा रहा था वहीँ दूसरी तरफ कुछ मीडियाकर्मी कार्यक्रम का कवरेज करते हुए आनंद मोहन का बाईट लेने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान गुस्से में लाल आंनद मोहन उल्टे मीडिया कर्मियों पर ही भड़ास निकालने लगे और उन्हें तल्खी स्वर में
"हट.. हट.. हटिये... जाने दो" कहकर फिर कार्यक्रम में चले गये। समर्थकों के काफी मान मनौव्वल के बाद आनंद मोहन शांत हुए.जिसके बाद पुनः वह कार्यक्रम के मंच पर पहुंचे।
कहा-मुझे इस बात का था गुस्सा
दुबारा जब वह मंच पर पहुंचे और लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस चिलचिलाती धूप में हमारी बात को सुनने के लिए इतने लोगों का जनसैलाब उमड़ा हुआ था। आज हमारा गुस्सा इस बात को लेकर हुआ कि हम जो ट्रेनिंग आज आपलोगों को देने आए थे कि जन जन तक अपनी बात कैसे पहुंचाए.लेकिन इतनी संख्या के बावजूद भी ये हॉल नहीं भरा। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को जिस तरह से संचालित करना चाहिए वह भी ठीक ढ़ंग से नहीं हो पाया तो मीडिया के लोग क्या लिखेंगे कि इतने सालों बाद आंनद मोहन आरा आए और उनके कार्यक्रम में भीड़ नदारद रही। इस बात पर मुझे गुस्सा था। हम लोगों को ट्रेनिंग की जरूरत है और इसी से सीख लेने की भी कोशिश होनी चाहिए।