भाजपा और जदयू के बीच काफी समय से कलह जारी है। बेशक दोनों पार्टियां सबकुछ सही होने का दावा करती रही हों लेकिन दोनों के बीच की रार कई मौके पर देखने को मिली है। इससे लगता है कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भाजपा को बिहार से काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। सीट बंटवारे को लेकर दोनों पार्टियों के बीच जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। 2015 विधानसभा चुनावों में भाजपा से ज्यादा सीट जीतने वाली जनता दल यूनाइटेड (जदयू) सीट बंटवारे में इस परिणाम को आधार बनाने की मांग पर अड़ी हुई है।
हालांकि भाजपा सूत्रों ने इस फॉर्मूले को यह कहकर नकार दिया है कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस व राजद से गठबंधन करने के कारण जदयू को ज्यादा सीट मिली थी। भाजपा और जदयू के बीच इन्हीं बिगड़ते हालात को थामने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष
अमित शाह 11 जुलाई को पटना जाएंगे। सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि शाह 11 जुलाई को बिहार दौरे पर जाएंगे और वहां जाकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर सकते हैं लेकिन यह मुलाकात कब होगी इसकी जानकारी अभी नहीं मिल सकी है।
अगले साल होने वाले आम चुनाव से पहले भाजपा अपने सभी सहयोगियों को मनाने की जुगत में लगी हुई है। माना जा रहा है कि नीतीश से मुलाकात करके शाह बिगड़ी बात बनाने की कोशिश करेंगे। मंगलवार को जदयू के नेता
संजय सिंह ने कहा था कि भाजपा के वह नेता जो हमेशा हेडलाइंस में बने रहना चाहते हैं उन्हें नियंत्रण में रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि 2014 और 2019 के चुनाव में बहुत बड़ा अंतर है। भाजपा को बहुत अच्छे से पता है कि बिहार में नीतीश कुमार के बिना चुनाव जीतना आसान नहीं होगा। अगर भाजपा को सहयोगी पार्टी की जरूरत नहीं है तो वह बिहार में सभी 40 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए स्वतंत्र है।
वहीं सीट बंटवारे की इस लड़ाई में भाजपा के सहयोगी और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान भी कूद गए हैं। लोक जनशक्ति पार्टी प्रमुख का कहना है कि भाजपा नेतृत्व वाले राजग के सभी घटक दल अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बिहार में सीट साझा को लेकर जल्द निर्णय चाहते हैं। केंद्रीय मंत्री ने उम्मीद जतायी है कि राजग के सभी घटक दलों के बीच सीट साझा का मुद्दा जल्द ही सुलझ जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी पार्टियों को लोकसभा चुनाव के लिए उससे पूर्व अपने कार्यकर्ताओं को संगठित करने की आवश्यकता होती है। इसलिए जल्द ही सीट साझा के मामले को सुलझा लिया जाना चाहिए।