जच्चा-बच्चा की मौत के बाद शोक में डूबे परिजन
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बिहार के जमुई सदर अस्पताल में मंगलवार की देर रात प्रसव के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। इससे गुस्साए परिजनों ने बुधवार सुबह सदर अस्पताल पहुंचकर जमकर हंगामा किया। घटना के बाद अस्पताल के कर्मचारी मौके से फरार हो गए। वहीं, हंगामा की सूचना पर पहुंची पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। मृतका की पहचान जिले के बरहट प्रखंड के देवाचक निवासी गौतम दास की पत्नी रिंकू देवी के रूप में हुई।
मृतका के परिजन ने बताया कि उसने मंगलवार की शाम रिंकू देवी को प्रसव के लिए सदर अस्पताल में भर्ती करवाया था। लेकिन सदर अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही से रात एक बजे के आसपास जच्चा और बच्चा की मौत हो गई।
इस दौरान मृतका के परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि डिलीवरी के वक्त अस्पताल में एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं था और सिर्फ नर्स के द्वारा ही डिलीवरी कराई जा रही थी। हालांकि रिंकू की मौत हो जाने पर एक महिला डॉक्टर आई और कहने लगी कि जल्दी से खून की व्यवस्था करो। जब डॉक्टर से पूछा कि यहां खून कहां मिलता है तो डॉक्टर ने जवाब दिया कि जमुई में खून नहीं मिलता। इसके कुछ देर में रिंकू को मृत घोषित कर दिया। हालांकि बच्चे को आईसीयू में भेजा गया था। लेकिन सिर्फ दिखावे के लिए। बच्चे की भी उसी वक्त मौत हो चुकी थी।
परिजनों ने बताया कि रिंकू देवी का एक लड़का अंकुश कुमार (6) और लड़की अनुष्का कुमारी (3) है। यह तीसरा प्रसव था। सदर अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों पर पहले भी लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। इसकी वजह से कई प्रसूताओं की मौत की भी बात सामने आई है।