बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को जनादेश मिला है। वहीं लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने 130 से ज्यादा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। हालांकि, उनका एक ही प्रत्याशी अपने सिर जीत का सेहरा बांध पाया है। चिराग पासवान ने बुधवार को कहा, उनका लक्ष्य था कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री न बनें, लेकिन जनादेश का सम्मान करेंगे।
लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत तमाम नेताओं को जीत की बधाई दी। साथ ही कहा, वे चाहते थे कि बिहार में भाजपा जीते, भाजपा मजबूत बने। अब भाजपा बिहार में मजबूत और बड़ी पार्टी बन गई है।
कहा, 2025 में अच्छा प्रदर्शन करेंगे
चिराग ने सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारने का बचाव करते हुए कहा, '' लोजपा को 25 लाख वोटरों का भरोसा मिला है। अकेले लड़ने पर ये वोट मिले हैं। लोजपा से पिछलग्गू पार्टी का टैग हट गया है। मत प्रतिशत से पार्टी को नई ऊर्जा मिली है। बिहार की जनता ने प्रधानमंत्री को जनादेश दिया है। विकास के लिए प्रधानमंत्री का मजबूत होना जरूरी है। बिहार में भाजपा का मजबूत होना जरूरी है। हमारी पार्टी के पास खोने के लिए कुछ नहीं है। अकेले जब हम इतना अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं, तो 2025 में हम बेहतर करेंगे''
चिराग ने हार का प्रमुख कारण पापा के निधन को बताया
उन्होंने कहा कि उनके पास सिर्फ 10 दिन ही थे। उनके ज्यादातर प्रत्याशी जदयू के सामने थे। पहले तो यही नहीं पता था कि किस सीट पर जदयू चुनाव लड़ रही है। आठ अक्तूबर को इस बात की जानकारी मिली। इसी दिन पापा (रामविलास पासवान) का निधन हो गया। 10 दिन 135 प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतारा। लोजपा का फिर भी प्रदर्शन अच्छा रहा। उन्होंने कहा कि उनकी परिस्थिति विपरीत थी। मुखाग्नि देने के 10 दिन बाद चुनाव प्रचार किया। पापा के निधन के बाद चुनाव नहीं लड़ सकते, लेकिन उन्होंने चुनाव लड़ा।
कहा, जनादेश का सम्मान करूंगा
चिराग ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद देते हैं। उन्हीं के कारण सरकार बन रही है। प्रधानमंत्री प्रदेश का नेतृत्व करेंगे, तो बिहार में विकास होगा। वह भाजपा-लोजपा की सरकार बनाना चाहते थे, लेकिन कुछ दिक्कतों के चलते नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि मेरा लक्ष्य यही था कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री न बनें, लेकिन अब जनादेश का सम्मान करूंगा।
नीतीश कुमार के खिलाफ जांच हो
चिराग ने कहा, ''अब भाजपा और जदयू को देखना है कि वो किसे मुख्यमंत्री बनाते हैं। नीतीश कुमार के खिलाफ जांच करवानी चाहिए। मेरे पास उतनी ताकत होती, तो मैं जरूर करता। अब मैं विपक्ष की भूमिका में रहूंगा। केंद्र के हमारे गठबंधन पर बिहार चुनाव का कोई असर नहीं होगा।''