बच्ची को गला दबाकर पिता ने उतारा मौत के घाट
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मारपीट करने वाले हों, दुश्मनी निकालने वाले हों या संगठित अपराध करने वाले- बिहार में पुलिस का डर किसी को नहीं। डर होता तो दो पक्षों में इस तरह लड़ाई नहीं होती। लड़ाई होती भी तो 40 दिन के बच्चे को बिछावन से उठाकर पटकने की हिमाकत कोई नहीं करता। दूसरे पक्ष के घर में घुसे लोगों ने बच्चे को ऐसा पटका कि इलाज के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। पिता ने अब नामजद केस किया है।
पूर्व के विवाद में हुई मारपीट
मामला बांका जिला के रजौन प्रखंड अंतर्गत मंझगाय डरपा पंचायत के पत्तिचक गांव की है। मृतक बच्चा के पिता विवेक प्रसाद सिंह उर्फ विवेकानंद ने पुलिस को बताया कि पहले के किसी विवाद को लेकर प्रभु सिंह, कुमोद कुमार और भास्कर कुमार एक साथ लाठी-डंडा से लैश होकर गाली-गलौज करते हुए उसके घर पर हमला कर दिया। जब गाली गलौज करने से मना किया, तो इन लोगों ने विवेकानंद को पीटने लगे। मारपीट के दौरान 40 दिन का पुत्र बिछावन पर सोया हुआ था, जिसे उनलोगों ने जमीन पर पटक कर बुरी तरह घायल कर दिया। इस मारपीट में विवेकानंद भी बुरी तरह घायल हो गए। घटना के बाद परिजनों ने तुरंत दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने प्राथमिक इलाज कर घर भेज दिया। घर आने के बाद सोमवार की सुबह को बच्चे की मौत हो गई।
पुलिस ने किया मामला दर्ज
बच्चा के पिता विवेकानंद ने बच्चे की मौत की सूचना रजौन थाना की पुलिस को दिया। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए बांका सदर अस्पताल भेज दिया। घटना के संबंध में रजौन थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले में तीन लोगों को नामजद किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।