बिहार में आई बाढ़ में अब तक 98 लोगों की मौत हो गई है। बाढ़ के कारण राज्य के सभी स्कूलों और कॉलेज में एक्जाम कैंसिल कर दिए गए हैं। इसके साथ ही ट्रेनों के परिचालन पर भी एसर पड़ा है।
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बिहार आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त सचिव अनिरुद्ध ने मरने वालों की संख्या के आंकड़ों की पुष्टि की है। मिली जानकारी के मुताबिक 2.74 लाख लोगों को इस आपदा से निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है, जबकि 1.16 लाख लोग शरणार्थी शिविरों में मौजूद हैं।
बाढ़ प्रभावित जिलों में मौजूद सभी स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। इसके साथ ही इनमें होने वाले एक्जाम को भी आगे के लिए टाल दिया गया है। ईस्ट सेंट्रल रेलवे के अनुसार अब तक 39 ट्रेनों को कैंसिल कर दिया गया है। नई दिल्ली-डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस को 20 अगस्त तक रद्द कर दिया गया है। रेलवे को इस बाढ़ से काफी नुकसान हुआ है, क्योंकि कई जगह ट्रैक के ऊपर से पानी बह रहा है।
बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा है कि राज्य में बाढ़ के हालात पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नजर बनाए हुए हैं। बिहार में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण अचानक आयी बाढ़ से राज्य में बड़े स्तर पर जान- माल का नुकसान हुआ है।
बाढ़ की वजह से बिहार के 14 जिलों के 110 प्रखंड और 1151 ग्राम पंचायतें प्रभावित हैं। बाढ़ से प्रभावित होने वाले जिलों में मुजफ्फरपुर, किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल एवं मधेपुरा शामिल हैं।
राज्य सरकार के द्वारा बाढ़ में घिरे लोगों को सुरक्षित निकाले जाने का कार्य लगातार जारी है। पहले ही राज्य में 2000 से ज्यादा जवान बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। अब 4 अऩ्य टीमों को इस काम में लगाया गया है।