बिहार में भागलपुर के सृजन महाघोटाले की जांच अब सीबीआई से होगी। एक हजार करोड़ रुपये से अधिक के इस घोटाले में भाजपा के सांसद समेत कई नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं। राजद की ओर से मुख्यमंत्री पर इस घोटाले में शामिल होने के आरोप के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मामले की सीबीआई जांच के निर्देश दे दिए हैं।
राज्य के तमाम आला अधिकारियों के साथ बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने इस मामले को सीबीआई को सौंपने की अनुशंसा की है। मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि अब सीबीआई इस मामले को देखेगी। इस मामले के सामने आने के बाद से ही राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद सहित तमाम विपक्षी दल इस महाघोटाले की सीबीआई जांच की लगातार मांग कर रहे थे।
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माना जा रहा है कि नीतीश के इस फैसले से विपक्ष के पास अब इस मामले में बहुत कुछ कहने को नहीं रहेगा। इस मामले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही थी, नए-नए खुलासे सामने आ रहे थे। जिला कल्याण पदाधिकारी को जेल भेजे जाने के बाद अब पुलिस ने पूर्व भू-अर्जन पदाधिकारी राजीव रंजन की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। राजीव की गिरफ्तारी के लिए बिहार सरकार ने एसआईटी का गठन किया था। घोटाला उजागर होने के बाद से ही राजीव रंजन फरार चल रहे हैं।
यह है मामला
सृजन महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड दो तरीकों से सरकारी खजाने से अवैध निकासी का काम करती थी। एक तरीका था स्वीप मोड और दूसरा था चेक मोड। स्वीप मोड के जरिए भारी रकम राज्य सरकार या केंद्र सरकार द्वारा भागलपुर जिले के सरकारी खातों में जमा कराई जाती थी। स्वीप मोड में राज्य सरकार या केंद्र सरकार एक पत्र के माध्यम से बैंक को सूचित करती थी, कितनी राशि बैंक में जमा करा दी गई है।