बिहार के मुजफ्फरपुर में उत्तर प्रदेश और ओडिशा के 23 मजदूरों को पिछले एक पखवारे से बंधक बनाए जाने का मामला प्रकाश में आया है। इन सभी मजदूरों को मुजफ्फरपुर से करीब 25 किलोमीटर दूर एक फैक्ट्री में बंधक बना कर रखा गया था। बताया जा रहा है कि जिस फैक्ट्री में मजदूरों को बंधक बनाया गया था वो एक सांसद का रिश्तेदार है।
जानकारी के अनुसार इन मजदूरों को ठेकेदार द्वारा एक महीने पहले बिहार के मुजफ्फरपुर से करीब 25 किलोमीटर दूर पानापुर ओपी के पखनाहा के पास मां भगवती स्पांज आयरन प्राइवेट लिमिटेड नामक फैक्ट्री के मालिक के हवाले किया गया था। मंगलवार को बंधक बने मजदूरों में से एक मजदूर ने जब मीडिया से रिहाई की गुहार लगाई तो इस मामले का पूरा खुलासा हुआ।
इस दौरान डीएम धर्मेंद्र सिंह के निर्देश पर श्रम अधीक्षक, श्रम विभाग के अधिकारी समेत स्थानीय थाने की पुलिस टीम फैक्ट्री के अंदर दाखिल हुई तो मजदूरों की घर लौटने की खो चुकी आस वापस हुई। प्रशासन ने सभी मजदूरों को रेस्क्यू कर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मजदूरों ने अपनी मजदूरी मद के साढ़े 3 लाख रुपये नहीं देने की लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
पुलिस के अनुसार ओडिशा के भद्रक जिले के 16 और यूपी के गाजीपुर जिले के 7 मजदूरों को पिछले 15 दिनों से बंधक बनाकर रखा गया था। बंधक मजदूरों ने पुलिस को बताया कि पिछले 18 नवंबर को ही ओडिशा के ठेकेदार सुशांत महंती और धीरेन मल्लिक ने उन्हें फैक्ट्री में पहुंचाया था। ठेकेदार के जाते ही मजदूरों को एक पखवारे तक तो फैक्ट्री मालिक द्वारा खाना खाने का पैसा दिया गया, बाद में खाने के लिए पैसा देना भी बंद कर दिया गया। मजदूरों के साथ फैक्ट्री के अंदर मारपीट की गई और जबरन दिन-रात काम लिया जाता रहा। इस बीच, मजदूरों को मजदूरी और खाना मांगने पर गोली मारने की धमकी तक दी गई।
इधर, खुद को सांसद का भतीजा बताने वाला विनोद जायसवाल पत्नी अनीता देवी के नाम पर फैक्ट्री चलाने की बात कह रहा है और सांसद को फैक्ट्री का निदेशक बता रहा है। प्रबंधन का दावा है कि मजदूरी के नाम पर ठेकेदार को 8 लाख की राशि एक मुश्त चुकता की जा चुकी है।