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Bihar: फर्जी तरीके से जख्म प्रतिवेदन के मामले में 12 आरोपी नामजद, पीएसआई ने थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी

Thu, 19 Sep 2024 07:38 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छपरा

सार

Bihar: जिले में फर्जी तरीके से जख्म प्रतिवेदन के मामले में 12 आरोपियों को नामजद बनाया गया है। उक्त मामले को लेकर पीएसआई ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया जा रहा है कि कई महीनों से इसका मामला चल रहा था।   
 
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जख्म प्रतिवेदन के मामला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर फर्जी नर्सिंग होम सहित कई अन्य प्रकार की सेवा केंद्रों का संचालन होते रहा है। जब कोई मामला या किसी व्यक्ति की मौत इलाज के दौरान हो जाती है तब स्वास्थ्य विभाग की नींद खुलती है। उसके संबंधित संचालक के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है, लेकिन इस बार फर्जी तरीके से इंजरी रिपोर्ट बनाने का एक नया मामला सामने आया है।

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जिसमें मढ़ौरा अनुमंडलीय मुख्यालय स्थित रेफरल अस्पताल के दो पूर्व प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के खिलाफ स्थानीय मढ़ौरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। विगत कई महीनों से चले आ रहे इस मामले में एक फर्जी इंजरी का मामला अब रंग पकड़ लिया है। जिसमें रेफरल अस्पताल के दो पूर्व प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, एक चिकित्सक के अलावा तीन अन्य कर्मियों सहित कुछ ग्यारह लोगों को नामजद किया गया है। 

मढ़ौरा थाने के प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षक (पीएसआई) संजीत कुमार के अनुसार मढ़ौरा थाना कांड संख्या- 53/2024 का अनुसंधानकर्ता था। उक्त कांड में वादिनी बिशनपुर जगदीश गांव निवासी राम बच्चन सिंह की पत्नी बबीता देवी ने एक प्राथमिक की दर्ज कराई थी। दर्ज प्राथमिकी में विवेक कुमार सिंह, कामेश्वर सिंह, श्रवण कुमार को आरोपित किया गया था। हालांकि उक्त कांड के अनुसंधान में यह पाया गया की आवेदिका द्वारा सोची समझी साजिश के तहत मन गढ़ंत कहानी रची गई है।
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इस मामले में रेफरल अस्पताल के चिकित्सक एवं अन्य कर्मियों के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र, जालसाजी कर फर्जी जख्म प्रतिवेदन बनाकर झूठा मुकदमा दर्ज किया गया है। इसका खुलासा सदर अस्पताल छपरा के अधीक्षक के नेतृत्व में तीन सदस्यीय मेडिकल जांच कमेटी की जांच रिपोर्ट में हुई थी।

वहीं पुलिस उपाधीक्षक सह सारण के साइबर थाने के थानाध्यक्ष अमन, सारण के सिविल सर्जन डॉ सागर दुलाल सिन्हा और सारण के अपर समाहर्ता के द्वारा बबीता देवी का जख्म जांच प्रतिवेदन की जांच की गई थी। जांच टीम के द्वारा रिपोर्ट को गलत पाया था। जांच टीम ने रेफरल अस्पताल मढ़ौरा के तीन चिकित्सक और तीन अस्पताल कर्मी के कार्यकलापों को भी संदिग्ध पाया था।

इस संबंध में मढ़ौरा के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नरेश पासवान ने बबीता देवी एवं उनके सहयोगियों पर फर्जी तरीके से ज़ख्म प्रतिदेवन (इंज्यूरी) के आलोक में झूठा केस दर्ज कराने का प्राथमिकी दर्ज करने को लेकर दिशा निर्देश दिया था। जिसके आलोक में पीएसआई संजीत कुमार ने बबीता देवी और उनके सहयोगी मोहित कुमार, अशोक सिंह, श्याम सुंदर सिंह, इंदू देवी के साथ-साथ रेफरल अस्पताल के तीन चिकित्सक सहित तीन कर्मियों पर प्राथमिक दर्ज कराई है।

इस प्राथमिकी के बाद चर्चा एक बार फिर से गर्मा गया है। मढ़ौरा थाने में पदस्थापित प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षक (पीएसआई) संजीत कुमार द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी में सभी अरोपितों पर फर्जीवाड़ा का आरोप लगाया गया है। मढ़ौरा थाना कांड संख्या- 526/2024, दिनांक-17 सितंबर 24 में धारा 419, 420, 465, 466, 467, 468, 120बी आईपीसी की धारा दर्ज की गई है।

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