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10-12 साल की बच्ची सरकार से आगे: शराब के साथ गांजा और सिगरेट के खिलाफ इनका गाया गीत वायरल

Sun, 01 Jan 2023 06:05 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद

सार

औरंगाबाद की रहने वाली  दो बहनों ने खुद से भोजपुरी में गाना कंपोज कर सोशल मीडिया पर डाला, जिन्हें देखने-सुनने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
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औरंगाबाद की सोनाली और श्रृष्टि - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
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सरकार शराब बंद कर रही, बाकी नशे नहीं रोक रही। मगर, यह लड़कियां हर नशे से समाज को बचाने की मुहिम में जुट गई हैं। उम्र महज 10 और 12 साल है। औरंगाबाद की रहने वाली इन दो बहनों ने खुद से भोजपुरी में गाना कंपोज कर सोशल मीडिया पर डाला और अब एक-एक लिंक ऐसे भी हैं, जिनपर इन्हें देखने-सुनने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। औरंगाबाद जिले के रफीगंज प्रखंड के ढोसिला पंचायत के खिरहिरी गांव की दो सगी बहनें सोनाली राज (12) एवं कुमारी सृष्टि (10) के गीत को लोग बिहार से बाहर भी देख-सुन रहे हैं।

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पहले गाने के बोल पढ़िए और हिंदी में समझिए....
छोड़ी द दरुआ छोड़ी द गंजवा छोड़ी द सिगरेटवा ना             
(छोड़ दीजिए दारू, गांजा और सिगरेट )
कि ए पापा मानी ल मोरी कहनवा राउर जोरिला हथवा ना 
(पापा हाथ जोड़ते हैं, मेरा कहना मान लीजिए)
जबन पैसा पिए में करनी रवा जियान हो, ओकरे से पढ़ जायिब होई राउर नाम हो 
(जिस पैसे को आप पीकर बर्बाद करते हैं, हम उसी पैसे से पढ़ लेंगे तो आपका नाम होगा)
यदि कुछहू हो जाई त, हमर के दिही साथवा ना,
(अगर आपको कुछ हो जाएगा तो हमारा साथ कौन देगा)
बड़ी मुश्किल से माई घर के चलावेली, अपने ना खाली हमनी सब के खिलावेली 
(मां बहुत मुश्किल से घर चलाती है, हमलोगों को खिलाने के लिए खुद नहीं खाती है)
दारुए पीये में सब बेच देल खेतवा ना 
(शराब पीने में आपने सब खेत बेच डाले)
कि ए पापा मानी ल मोरी कहनवा, राउर जोरिला हथवा ना 
(पापा हाथ जोड़ते हैं, मेरा कहना मान लीजिए)
छोड़ी द दरुआ, छोड़ी द गंजवा, छोड़ी सिगरेटवा ना            
 (छोड़ दीजिए दारू, गांजा और सिगरेट)

आसपास के माहौल ने बच्चियों के मन पर डाला प्रभाव
इन बच्चियों के पिता श्याम पुजारी और मां कलावती देवी का कहना है कि बेटी के गीत को सोशल मीडिया पर वायरल होता देख कर उन्हें भी काफी खुशी महसूस हो रही है। सोनाली और सृष्टि ने बताया कि दोनों नीमा चर्तुभुज गांव के मिड्ल स्कूल की छठी कक्षा की छात्रा हैं और आसपास के माहौल को देखकर यह गाना बनाया है। कहती हैं- हम देख रहे हैं कि शराब किस तरह से अच्छे घर-परिवार को बर्बाद कर रहा और ऐसे घरों के बच्चों की पढ़ाई खराब हो जाती है।

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