मध्यप्रदेश में व्यापमं की पीएमटी से चयनित 634 मेडिकल छात्रों का एडमिशन सुप्रीम कोर्ट से निरस्त होने के बाद अब उन छात्रों का भविष्य भी खतरे में पड़ गया है, जिनके नाम व्यापमं घोटाले में सामने आए थे। इन छात्रों का प्रवेश खुद व्यावसायिक परीक्षा मंडल ने ही रद्द कर दिया था, मगर हाईकोर्ट से राहत के बाद ये छात्र प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे हैं। इनकी संख्या करीब 110 बताई जा रही है।
उल्लेखनीय है कि 2013 में व्यापमं घोटाला सामने आने के बाद व्यापमं ने पीएमटी 2013 की जांच कराई और नकल की पुष्टि होने के बाद 345 छात्रों का प्रवेश निरस्त कर दिया। मगर 110 छात्र ऐसे थे, जिन्होंने मेडिकल कॉलेजों में दाखिला ले लिया था। लिहाजा ये सभी हाईकोर्ट की शरण में गए, जहां से इन सभी को राहत मिल गई। इनमें भोपाल और इंदौर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के 51 छात्र भी शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार 2008 से 2012 के 634 छात्रों का प्रवेश रद्द करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मेडिकल कॉलेजों ने कोर्ट का मार्गदर्शन मांगा, जिसमें कहा गया है कि गलत माध्यम से लिया गया प्रवेश मान्य नहीं होगा। लिहाजा माना जा रहा है कि 2013 की पीएमटी में चयनित इन छात्रों का दाखिला भी रद्द हो जाएगा।