अधिकारियों ने कहा कि डिजिटल फाइलों की सूची जल्द ही 5,000 तक पहुंच सकती है। जांच में यह भी पता चला है कि, ब्लैकमेलर महिलाएं भोपाल के मंहगे क्लबों में आती-जाती थीं। वहां उनके लिए कमरे बुक कराए जाते थे, लेकिन अब उन क्लबों के चेक-इन रजिस्टर गायब हैं और उनके रिकॉर्डों में भी हेरफेर करने की लगातार कोशिश की जा रही है। हनीट्रैप में वरिष्ठ नौकरशाहों से लेकर जूनियर प्रोजेक्ट इंजीनियर, भाजपा और कांग्रेस के बड़े नेताओं की लंबी सूची है।
एसआईटी जांच टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन वीडियो को गलत हाथों में पड़ने से रोकना है। मामले की जांच कर रहे एक निरीक्षक को बाहर कर दिया गया है। उस पर पकड़े गए फोन की क्लिप ब्लूटूथ के जरिए अपने फोन में ट्रांसफर करने का आरोप था।
मालूम हो कि, इंदौर नगर निगम के इंजीनियर हरभजन की तीन करोड़ रुपये मांगने की शिकायत के बाद भोपाल और इंदौर पुलिस ने ब्लैकमेलिंग करने वाली पांच महिलाओं को गिरफ्तार किया था। यह महिलाएं अफसरों और नेताओं के वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करती थीं।
इस हाईप्रोफाइल मामले में एक पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व राज्यपाल, पूर्व सांसद, भाजपा और कांग्रेस से जुड़े नेता और नौकरशाहों के नाम होने की बात कही जा रही है। फिलहाल जांच जारी है और अभी तक किसी का भी नाम सामने नहीं आया है।