यह कुछ हद तक काफी "कूल" माना जाने लगा है कि आप अपनी बाइक उठाएं - या एक किराए पर लें - और पहाड़ों की सैर के लिए निकल जाएं। इसमें कोई शक नहीं कि पहाड़ियों और पहाड़ों के बीच राइडिंग करना बेहद मजेदार और रोमांचकारी अनुभव देता है। आखिर शुद्ध ताजी हवा, खुली सड़कें और खूबसूरत नजारों का आनंद किसे अच्छा नहीं लगता। लेकिन साथ ही, यह चुनौतीपूर्ण और खतरनाक हो सकता है क्योंकि शहर की सड़कों की तुलना में पहाड़ियों पर ड्राइविंग करने के लिए एक अलग तरह के ड्राइविंग स्किल्स की जरूरत होती है। यहां हम आपको बता रहे हैं कि अगर बाइक से पहाड़ों पर जाने का की योजना बना रहे हैं तो आपको किन जरूरी बातें का ध्यान रखने की जरूरत है। यहां बाइक राइडिंग के लिए कुछ अच्छी रणनीतियां बता रहे हैं जो आपके लिए सफर का सुरक्षित तरीके से लुत्फ उठाने में मददगार साबित होंगी।
पहाड़ों में सुरक्षित रूप से बाइक चलाने के टिप्स :
अपनी बाइक को तैयार करें
पहली और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप यह सुनिश्चित कर लें कि आपकी बाइक अच्छी स्थिति में है और पहाड़ियों और पहाड़ों पर सवारी करने के लिए फिट है। अपनी बाइक के टायर की स्थिति की अच्छी तरह जांच कर लें। और ब्रेक को हल्के में न लें क्योंकि वे सवारी करते समय सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय हैं। यह सुनिश्चित करें कि ब्रेक फ्लुइड का लेवल सही है। और यह भी चेक कर लें कि पहाड़ों की चढ़ाई से पहले आपके पास डिस्क और मेटल कैलीपर के बीच कम से कम 5-6 मिमी ब्रेक पैड सामग्री है।
ब्रेक का सही इस्तेमाल करें
पहाड़ पर चढ़ने के दौरान बाइक के पिछले ब्रेक का ज्यादा इस्तेमाल करना चाहिए। गुरुत्वाकर्षण के कारण बाइक का अधिकांश भार पीछे के पहिये पर होता है और ढलान की सवारी करते समय आगे के ब्रेक पर अधिक निर्भर करता है। ब्रेक का बहुत ज्यादा इस्तेमाल न करें क्योंकि इससे वे जल्दी गर्म हो सकते हैं और उनका असर कम हो सकता है।
अंधे मोड़ पर ओवरटेक न करें
पहाड़ी रास्तों में अंधे मोड़ (ब्लाइंड कॉर्नर) में ओवरटेक बिल्कुल न करें। आपको कभी भी मोड़ के आसपास ओवरटेक नहीं करना चाहिए और खासकर जब यह एक अंधा मोड़ हो। पहाड़ी सड़कों पर होने वाली ज्यादातर दुर्घटनाएं की यह बड़ी वजह है। ओवरटेक तभी करें जब आपको सड़क पर अच्छी तरह से देख पा रहे हैं और ट्रैफिक न हो। पहाड़ों में सवारी करते समय जल्दबाजी न करें और धैर्य से ड्राइविंग करें।
अपनी लेन पर ड्राइव करें
पहाड़ियों में गाड़ी चलाते समय अपनी लेन को चेंज करना काफी खतरनाक हो सकता है। क्योंकि पहाड़ की सड़कें काफी संकरी होती हैं और दूसरी दिशा से आप आने वाले ड्राइवरों को चौंका सकते हैं। तेजी से जाने की कोशिश न करें क्योंकि आप कंट्रोल खो सकते हैं और विपरीत लेन में जा सकते हैं। धीमी रफ्तार से सवारी करें और अपनी लेन में बने रखने के सरल नियम का पालन करें।
सुरक्षित पार्किंग करें
अपनी बाइक को मोड़ के आसपास पार्क करके अन्य ड्राइवरों को परेशान न करें क्योंकि पहाड़ी सड़कें संकरी हैं और कोई व्यक्ति इससे टकरा सकता है। अपनी मोटरसाइकिल को कभी भी नीचे की ओर मुंह करके पार्क न करें। सतह और पहाड़ी पत्थरों को देखें जो ऊपर से गिर सकते हैं। और सुनिश्चित करें कि यह दृढ़ और स्थिर है या इसे ऊपर की ओर मुंह करके पार्क करें और इसे पहले गियर में छोड़ दें।
सामान को हल्का रखें
यात्रा के दौरान अपने बैग में दुनियाभर का सामान न रखें। एक भारी बाइक को चलाना मुश्किल है, खासकर पहाड़ी इलाकों में, क्योंकि यह मैदानी इलाकों की तरह सरल नहीं होती है। बहुत बार, आपको कोई सड़क नहीं मिलेगी। तो, आप जितने हल्के वजन के साथ यात्रा करेंगे, उतना अच्छा होगा।
फर्स्ट-एड किट जरूरी है
इस किट में डेटॉल/सेवलॉन, बैंड एड, कुछ पट्टियाँ और सिरदर्द, पेट दर्द, एलर्जी और कुछ सामान्य दर्द निवारक दवाओं के लिए बुनियादी दवाएं शामिल होनी चाहिए।
कहा गया है कि जब आप सुरक्षा से खिलवाड़ करते हैं, तो आप अपनी जान को दांव पर लगाते हैं। इसलिए आप अपनी पहाड़ों की यात्रा को सुरक्षित और यादगार बनाने के लिए इन सभी सुझावों का पालन करें।