ट्रैफिक सिग्नल पर ज्यादा समय तक खड़े रहना किसी भी वाहन चालक का धैर्य का इम्तिहान ले सकता है। लेकिन इस शहर में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चालकों पर शायद यह बात लागू नहीं हो। इलेक्ट्रिक वाहन चालक इस आस में रहेंगे कि कब ट्रैफिक सिग्नलों पर उन्हें लंबे समय तक इंतजार करने का मौका मिले। यह टोक्यो के नजदीक जापानी स्मार्ट शहर काशीवा-नो-हा में एक पायलट टेस्ट प्रोजेक्ट चल रहा है।
काशीवा-नो-हा स्मार्ट सिटी का नाम इसलिए रखा गया है क्योंकि यह स्मार्ट और अत्याधुनिक मोबिलिटी के क्षेत्र में परीक्षणों और प्रयोगों का नेतृत्व कर रहा है। शहर अब एक नया टेस्ट प्रोग्राम शुरू करेगा। इस प्रोग्राम की खास बात यह होगी कि यहां के पिछले ट्रैफिक चौराहों पर इंतजार करते समय ईवी को वायरलेस तरीके से चार्ज किया जा सकेगा।
इस प्रोजेक्ट की देखरेख कई प्रमुख ऑटो से जुड़ी कंपनियों के साथ-साथ टोक्यो और चिबा विश्वविद्यालयों द्वारा की जा रही है। प्रीकास्ट चार्जिंग कॉइल्स को सड़क की सतह पर रखा जाता है जहां प्रमुख ट्रैफिक सिग्नल वाले चौराहे हैं। विशेष रूप से डिजाइन किए गए ईवी और प्लग-इन हाइब्रिड वाहनों के टायरों के पास एक यूनिक डिवाइस होगा, जिसके जरिए वाहन के अंदर बैटरी को चार्ज किया जा सकेगा।
ऐसा दावा किया जा रहा है कि जब ऐसे वाहन कॉइल्स पर धीरे-धीरे चलते हैं, तो इसकी बैटरी को चार्ज में मामूली रूप से बढ़ोतरी होगी। रिपोर्ट के मुताबिक 10 सेकंड तक इन कॉइल्स पर चलने पर ईवी लगभग एक किलोमीटर तक चलने लायक चार्ज हो जाएगा ।
यह, निश्चित रूप से, अपने शुरुआती चरण में एक टेस्टिंग है। लेकिन संभावित रूप से यह सुनिश्चित करने के कई अनूठे तरीके खोल सकता है कि भविष्य के वाहनों को विभिन्न प्रकार के स्रोतों से पावर मिल सके। इस समय ईवी-चार्जिंग हाईवे की पहले से ही टेस्टिंग की जा रही है। इन हावई में विशेष रूप से बनी सड़कों पर चलने के दौरान ईवी की बैटरी को चार्ज किया जा सकता है।