बंगलूरू में गाड़ियों की संख्या करीब एक करोड़ होने के साथ, शहरी मोबिलिटी एक बड़ी चिंता बन गई है। इसे देखते हुए, बंगलूरू बड़े बिजनेस कॉरिडोर प्रोजेक्ट पर आगे बढ़ रही है।
बंगलूरू में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़कर करीब एक करोड़ के आसपास पहुंच चुकी है। ऐसे में शहर की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी चुनौती से निपटने के लिए बंगलूरू विकास प्राधिकरण (BDA) बंगलूरू बिजनेस कॉरिडोर परियोजना को आगे बढ़ा रहा है। यह प्रोजेक्ट पहले पेरिफेरल रिंग रोड (PRR) के नाम से जाना जाता था।
विज्ञापन
क्या यह प्रोजेक्ट ट्रैफिक की समस्या कम करेगा?
इस कॉरिडोर का मुख्य उद्देश्य लंबी दूरी के और इंटर-स्टेट ट्रैफिक को शहर के अंदरूनी हिस्सों से बाहर रखना है। माना जा रहा है कि इससे लोकल कम्यूटर्स और भारी वाहनों का ट्रैफिक अलग हो जाएगा। जिससे आउटर बंगलूरू और प्रमुख सड़कों पर जाम की समस्या कम होगी।
Trending Videos
एक्सप्रेसवे की बनावट कैसी होगी?
बंगलूरू बिजनेस कॉरिडोर को 73 किलोमीटर लंबा, 8-लेन, एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित किया जाएगा। यह पूरी तरह सिग्नल-फ्री होगा और तेज रफ्तार यात्रा के लिए डिजाइन किया गया है।
यह एक टोल रोड होगी, जहां एंट्री और एग्जिट केवल तय किए गए रास्तों से ही संभव होगी।
बिना चौराहों के आवाजाही कैसे होगी?
इस एक्सप्रेसवे पर पारंपरिक चौराहे नहीं होंगे। वाहन केवल सर्विस रोड के जरिए बने 11 इंटरचेंज से ही अंदर या बाहर जा सकेंगे। इससे लगातार ट्रैफिक फ्लो बना रहेगा और रुकावटें कम होंगी।
इस कॉरिडोर का रूट क्या होगा?
यह सर्कुलर रोड तुमकुरु रोड (NH-4) के मडावारा इलाके से शुरू होकर शहर के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों से गुजरेगी। इसके बाद यह दक्षिण बंगलूरू में होसुर रोड के पास कोनप्पना अग्रहार में समाप्त होगी।
इसके दोनों सिरों पर यह मौजूदा NICE रोड से जुड़ेगी, जिससे बंगलूरू के चारों ओर एक पूरा रिंग रोड नेटवर्क तैयार हो जाएगा।
भारी और इंटर-स्टेट ट्रैफिक को क्या फायदा होगा?
इस कॉरिडोर के पूरा होने के बाद ट्रक और लंबी दूरी के वाहन शहर के बीचों-बीच घुसे बिना ही बंगलूरू को बायपास कर सकेंगे। इससे सिटी ट्रैफिक पर दबाव कम होने की उम्मीद है।
कौन-कौन से 11 इंटरचेंज बनाए जाएंगे?
BDA ने एक्सप्रेसवे को रिहायशी और औद्योगिक इलाकों से जोड़ने के लिए 11 प्रमुख इंटरचेंज तय किए हैं:
होसुर रोड जंक्शन (इलेक्ट्रॉनिक सिटी)
सरजापुर
गुंजूर
व्हाइटफील्ड
ओल्ड मद्रास रोड
हेन्नूर रोड
बल्लारी रोड
डोड्डाबल्लापुर रोड
हेसरघट्टा
मडावारा (NH-4, NICE रोड कनेक्शन)
मदनायकनहल्ली (NH-4 की ओर, PRR फेज-2)
इंटरचेंज का डिजाइन ट्रैफिक को कैसे आसान बनाएगा?
ज्यादातर इंटरचेंज क्लोवरलीफ डिजाइन पर आधारित होंगे। इससे वाहन बिना रुके हाईवे से शहर की सड़कों पर और वापस एक्सप्रेसवे पर आ-जा सकेंगे, जिससे जाम और बोतलनेक की समस्या घटेगी।
इस मेगा प्रोजेक्ट की लागत कितनी होगी?
बंगलूरू बिजनेस कॉरिडोर की अनुमानित लागत करीब 26,786 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसमें जमीन अधिग्रहण और बुनियादी ढांचे पर होने वाला बड़ा खर्च भी शामिल है।
क्या बंगलूरू को ट्रैफिक से राहत मिलेगी?
अगर यह प्रोजेक्ट तय योजना के अनुसार पूरा होता है, तो बंगलूरू के ट्रैफिक सिस्टम में बड़ा बदलाव आ सकता है। खासकर आउटर रिंग और आईटी कॉरिडोर इलाकों में जाम कम होने और सफर तेज होने की उम्मीद की जा रही है।