कोरोना वायरस अब तक दुनिया के 190 से अधिक देशों में फैल गया है। वहीं दिन पर दिन इससे संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस बीमारी से निजात पाने के लिए वैज्ञानिक और कई शोधकर्ता भरसक कोशिश कर रहे हैं। कोरोना को लेकर लोगों में इतना खौफ है कि बाजार में फेसमास्क और वेंटिलेटर्स की खासी कमी महसूस की जा रही है। लचर स्वास्थ्य सेवाओं से परेशान देश में पहले से ही वेंटिलेटर्स का आकाल है, वहीं कोरोना ने इसे और बढ़ा दिया है। मजबूरन सरकार को ऑटोमोबाइल कंपनियों को वेंटिलेटर बनाने का ऑर्डर करना पड़ा है। हालांकि ऐसा करने वाला अकेला भारत नहीं हैं, बल्कि इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिका की जनरल मोटर्स और फोर्ड से वेंटिलेटर बनाने के लिए कह चुके हैं। सवाल यह है कि आखिर सरकारें ऑटोमोबाइल कंपनियों से क्यों जीवनरक्षक उपकरण बनाने के लिए कह रही हैं। जानते हैं क्या है वजह...