कार के लिए इंश्योरेंस काफी जरूरी होता है। बिना इंश्योरेंस कार चलाने पर बड़ा नुकसान भी हो सकता है। कार इंश्योरेंस में आईडीवी किन कारणों से प्रभावित होती है। आइए जानते हैं।
देश में बड़ी संख्या में हर महीने कारों की बिक्री होती है। जिसके साथ इंश्योरेंस करवाना भी जरूरी होता है। लेकिन पॉलिसी रिन्यू करवाने के समय कार की इंश्योरेंस में वेल्यू कम हो जाती है। हम इस खबर में आपको बता रहे हैं कि कार इंश्योरेंस में आईडीवी क्या होती है और यह किस तरह से प्रभावित हो सकती है।
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क्या होती है आईडीवी
कार की इंश्योरेंस करवाते हुए पॉलिसी में कार की वेल्यू की जानकारी दी जाती है। इसे आईडीवी भी कहा जाता है। इसका मतलब इंश्योर्ड डिक्लेयर वेल्यू होता है। कार की आईडीवी जितनी ज्यादा होती है, प्रीमियम भी उतना ज्यादा हो जाता है।
कैसे होती है तय
कार की आईडीवी को साधारण से फॉर्मूले के साथ तय किया जाता है। जब कार नई होती है तो आईडीवी भी शोरूम की कीमत के बराबर होती है। लेकिन जैसे-जैसे कार पुरानी होती है, वैसे ही आईडीवी भी कम होती जाती है। आमतौर पर हर साल पॉलिसी रिन्यू करवाते हुए आईडीवी 10 से 20 फीसदी तक कम हो सकती है। पांच साल पुराने वाहनों की आईडीवी कार की स्थिति के आधार पर तय होती है।
क्या होता है फायदा
आईडीवी का फायदा यह होता है कि अगर कार को बाजार में बेचा जाता है या फिर किसी दुर्घटना और चोरी होने की स्थिति में इंश्योरेंस कंपनी को क्लेम देना पड़ता है। ऐसे में कार की कुल कीमत देखी जाती है। अगर आईडीवी से कम वेल्यू में कार को ठीक करवाया जा सकता है तो कंपनी क्लेम देती है और अगर कार को ठीक करवाने में आईडीवी से ज्यादा खर्च होता है तो इंश्योरेंस कंपनी आईडीवी के मुताबिक ही कीमत दे देती है। वहीं चोरी की स्थिति में भी ग्राहक को कार की आईडीवी के मुताबिक ही कीमत मिलती है।