इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल फीचर को आजकल कई कारों में ऑफर किया जाता है। यह क्या होता है और इससे किस तरह किसी कार को हादसों से बचाया जा सकता है। आइए जानते हैं।
आजकल कारों में कई तरह के सेफ्टी फीचर्स ऑफर किए जाते हैं। सेफ्टी फीचर्स और अन्य कई फीचर्स के लिए कंपनियां ग्राहकों से काफी ज्यादा कीमत भी लेती हैं। हम इस खबर में आपको ऐसे ही एक सेफ्टी फीचर की जानकारी दे रहे हैं, जिसके कारण कारों को हादसों से बचाने में मदद मिलती है।
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क्या होता है ईएससी?
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
आजकल कारों में कई तरह के सेफ्टी फीचर्स को ऑफर किया जाता है। इन फीचर्स में से ही एक फीचर है इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल। इसे शॉर्ट में ईएससी भी कहा जाता है। मारुति से लेकर मर्सिडीज तक कई कंपनियों की कारों में इसे ऑफर किया जाता है।
ईएससी यानि कि इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल का मुख्य काम कार को टर्न लेते समय या अस्थिर स्थिति में कार को स्थिर रखने का होता है। जब भी कार को चलाया जाता है तो टायर की स्पीड से ही कार को कंट्रोल किया जाता है। लेकिन अगर कार को किसी टर्न पर मोड़ा जाए या फिर ऐसी ही किसी स्थिति में कार पहुंच जाए तो कई बार चालक का कंट्रोल वाहन पर खत्म हो जाता है और हादसा हो जाता है। इसी के समाधान के लिए वाहनों में ईएससी को ऑफर किया जाता है।
ईएससी को मुख्य तौर पर तीन सेंसर से बनाया जाता है। इन सभी सेंसर का काम वाहन की स्पीड को कंट्रोल में रखना होता है। सेंसर के जरिए ही ईएससी को यह जानकारी मिलती है कि किसी वाहन को कितनी स्पीड में चलाया जा रहा है और अगर उसके कंट्रोल खोने का खतरा हो जाता है तो ईएससी के जरिए ही कार के ब्रेक और स्टेयरिंग को कंट्रोल किया जा सकता है।
ईएससी जैसे सेफ्टी फीचर के साथ कार को चलाने में ड्राइवर को ज्यादा और बेहतर तरीके से कंट्रोल मिलता है। वाहन को टर्न करते समय या फिर ऐसी अन्य स्थिति में भी ड्राइवर के पास ज्यादा बेहतर तरीके से वाहन को कंट्रोल करने की क्षमता होती है। जिससे ड्राइवर सहित सभी यात्री भी सुरक्षित रहते हैं। इसके साथ ही इस फीचर के कारण ब्रेक की लाइफ भी बढ़ जाती है, क्योंकि यह ब्रेक का उपयोग करने की क्षमता को कम करता है।