एक सनसनीखेज वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया है, जिसमें दुनिया के सबसे सुरक्षित ऑटोमोबाइल मॉडलों में से एक माने जाने वाले Volvo C40 Recharge (वोल्वो C40 रिचार्ज) को जलते हुए दिखाया गया है। यह हादसा छत्तीसगढ़ में हुआ था, जब कार मालिक गाड़ी चला रहा था।
कार मालिक ने घटनास्थल पर इस दुर्घटना की वीडियो रिपोर्डिंग की, जो उस ऐन वक्त को दिखाता है जब वोल्वो C40 रिचार्ज में आग लग गई। गनीमत रही कि जब तक पूरी कार आग में जलकर स्वाह हुई उससे पहले अंदर मौजूद सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल आए। आग लगने की वजह का अभी तक पता नहीं चल पाया है। लेकिन कार में आग लगने के कारण का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
थर्मल रनअवे इलेक्ट्रिक वाहन में आग लगने का एक प्रमुख कारण होता है। जबकि ईवी फायर के कई अन्य संभावित कारण भी होते हैं। भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास विभाग (DRDO) ने कई ईवी आग लगने की घटनाओं की जांच के बाद पाया कि जिन इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगी थी, उनमें से ज्यादातर में बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) में प्रमुख सॉफ्टवेयर की खराबी थी।
इसके अलावा, जिन वाहनों में आग लगी उनमें से ज्यादातर में एक उपयुक्त वेंटिंग मैकेनिज्म का अभाव था। जो ज्यादा गर्म हो चुके सेल को गर्मी कम करने की अनुमति देता। साथ ही, जिन इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगी उनमें से ज्यादातर की बैटरी यूनिट्स में घटिया क्वालिटी वाले सेल शामिल थे।
यह पहली बार नहीं है जब किसी ईवी में आग लगी है। पिछले कुछ वर्षों में, कई इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं। जिनमें टाटा नेक्सन इलेक्ट्रिक एसयूवी से लेकर ओकिनावा और ओला इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लगना शामिल है। हाल ही में, बंगलूरू के जेपी नगर क्षेत्र में डालमिया सर्कल के पास एक महिंद्रा ई2ओ में आग लग गई थी।
इलेक्ट्रिक कार की आग बुझाना अन्य वाहनों की आग बुझाने से अलग होता है। ईवी की आग को बुझाने के लिए कार को क्रेन से उठाकर बड़े पानी के कंटेनर में डुबोया जा सकता है। साथ ही बैटरी को पानी से ठंडा किया जा सकता है। जनता और दमकल कर्मियों दोनों की सुरक्षा के लिए, इन परिस्थितियों को सावधानी से संभालना जरूरी होता है।