यूरोपियन कार कंपनियां फॉक्सवैगन और स्कोडा की मिड साइज सेडान कारों का हाल में क्रैश टेस्ट किया है। हम इस खबर में आपको बता रहे हैं कि एक ही सेगमेंट की दोनों कारें आपके लिए कितनी सुरक्षित हैं और इन्हें क्रैश टेस्ट में कितने नंबर हासिल हुए हैं।
कितनी हैं सुरक्षित
फॉक्सवैगन की वर्टुस और स्कोडा की स्लाविया का ग्लोबल एनसीएपी ने क्रैश टेस्ट किया है। दोनों ही कारों को टेस्ट के दौरान पूरे पांच अंक हासिल हुए हैं। संस्था की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक दोनों ही कारों का क्रैश टेस्ट चार अप्रैल को ही किया गया है।
भारतीय मॉडल्स पर हुआ टेस्ट
ग्लोबल एनसीएपी की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक कारों को भारत में बनाया गया था और भारतीय बाजार के लिए ही बनाया गया था। टेस्ट के दौरान इन कारों पर कई तरह से प्रयोग किए गए, जिसमें दोनों ही कारें व्यस्कों और बच्चों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित रहीं।
सेकेट्री जनरल ने क्या कहा
ग्लोबल एनसीएपी के सेकेट्री जनरल एलेजेंड्रो ने कहा कि 2014 से ग्लोबल एनसीएपी भारत में सुरक्षित कारों के लिए बाजार में बदलाव को प्रोत्साहित कर रहा है। हम भारतीय वाहन निर्माताओं और साथ ही कुछ वैश्विक वाहन निर्माताओं से सकारात्मक प्रतिक्रिया पाकर खुश हैं। हालांकि इसमें कुछ सीमित सुधार हुआ है। फॉक्सवैगन और स्कोडा सहित कई कार निर्माता सुरक्षा एजेंडे को अपना रहे हैं और पांच सितारों के लिए डिजाइन कर रहे हैं।
मिड साइज सेडान सेगमेंट की हैं कारें
वर्टुस और स्लाविया दोनों ही कारें मिड साइज सेडान सेगमेंट में आती हैं। इस सेगमेंट में दोनों ही कारों को ह्यूंदै की वर्ना, होंडा की सिटी और मारुति की सियाज के साथ मुकाबला करना पड़ता है।
एसयूवी भी हैं सुरक्षित
फॉक्सवैगन और स्कोडा की मिड साइज एसयूवी का भी पहले क्रैश टेस्ट हो चुका है। जिसमें दोनों को ही सुरक्षा के लिए पूरे पांच अंक मिल चुके हैं।