गाड़ियों की बुकिंग और बिक्री के लिहाज से त्योहारी सीजन अपनी शुरुआत के साथ घरेलू वाहन उद्योग के लिए अच्छा रहा है। खास बात है कि महंगाई और उच्च ब्याज दरों के बावजूद वाहनों की मांग मजबूत दिख रही है। इसमें भी स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) का आकर्षण ज्यादा है।
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के अध्यक्ष मनीष राज सिंघानिया ने बताया कि वाहनों की खुदरा बिक्री के लिहाज से सितंबर बेहतर रहा है। नवरात्र में भी शुरुआत अच्छी हुई है। वाहनों की बुकिंग और खरीदारों के इन्क्वायरी (पूछ) के आंकड़ों में लगातार इजाफा दिख रहा है। मौजूदा रुझान को देखते हुए उम्मीद है कि इस नवरात्र में पिछले साल के मुकाबले 10-15 फीसदी की वृद्धि देखने को मिलेगी। कुल बिक्री में एसयूवी का हिस्सा करीब 80 फीसदी होगा।
उन्होंने बताया कि नवरात्र से लेकर पूरे त्योहारी सीजन में बिक्री इसलिए भी बढ़ेगी क्योंकि कंपनियां नए-नए मॉडल पेश कर रही हैं। डीलर्स भी खरीदारों को विभिन्न प्रकार के ऑफर दे रहे हैं।
10 लाख पार पहुंचेगी बिक्री : मारुति
मारुति सुजुकी इंडिया के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी (सेल्स एवं मार्केटिंग) शशांक श्रीवास्तव ने बताया कि बुकिंग के लिहाज से नवरात्र में सकारात्मक रुझान दिख रहा है। एसयूवी की मांग पहले की तुलना में मजबूत है। नवरात्र में वाहनों की बुकिंग पिछले साल से 18 फीसदी ज्यादा है। इस साल त्योहारी सीजन में वाहनों की बिक्री 10 लाख के पार निकल जाएगी।
ई-वाहनों का भी दिख रहा आकर्षण: टाटा मोटर्स
टाटा मोटर्स के प्रवक्ता ने बताया कि नए मॉडल के लॉन्च व अन्य पेशकश के अलावा यह नवरात्र एक और मामले में खास दिख रहा है। इस बार इलेक्ट्रिक वाहनों (ई-वाहनों) का आकर्षण दिख रहा है। डीलरों से मिले आंकड़े बता रहे हैं कि ई-वाहनों को लेकर इन्क्वायरी बढ़ी है, जिसका असर बुकिंग पर दिख रहा है।
ग्रामीण मांग में भी हो रही बढ़ोतरी
वाहन उद्योग में अब तक की वृद्धि में शहरी मांग की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। कोरोना काल के बाद से ग्रामीण इलाकों में जो सुस्ती दिख रही थी, वह सर्वांगीण आर्थिक वृद्धि और सरकार की नीतियों से काफी हद तक कम हो गई है। इस कारण नवरात्र से लेकर इस पूरे त्योहारी सीजन में वाहनों की बिक्री में ग्रामीण मांग की हिस्सेदारी बेहतर होगी।
-मनीष राज सिंघानिया, अध्यक्ष, फाडा
सस्ती कारों के मुकाबले एसयूवी का लगातार बढ़ रहा क्रेज: सियाम
सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के अध्यक्ष विनोद अग्रवाल ने बताया कि यूटिलिटी और एसयूवी की मजबूत मांग से यात्री वाहन श्रेणी की बिक्री में वृद्धि को बढ़ावा मिल रहा है। वाहनों की कुल बिक्री में एसयूवी की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 60 फीसदी पहुंच गई है। हालांकि, सस्ती कारों की बिक्री के रुझान बेहतर नहीं हैं। फाडा का कहना है कि कुल वाहन बिक्री में एसयूवी की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर अब 53 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई है, जो पहले 15-18 फीसदी थी।