निजी वाहनों को भी ग्रीन सेस के दायरे में लाया गया
अब तक उत्तराखंड में दूसरे राज्यों से आने वाले केवल वाणिज्यिक वाहनों से ही ग्रीन सेस वसूला जा रहा था। लेकिन नई व्यवस्था के तहत निजी वाहन भी इसके दायरे में आएंगे। इस सेस से मिलने होने वाली राशि का उपयोग सड़क सुरक्षा उपायों और वृक्षारोपण अभियानों में किया जाएगा। परिवहन विभाग ने इस प्रणाली के संचालन के लिए एक निजी एजेंसी के साथ समझौता किया है।
यह भी पढ़ें - Used Vehicles: सेकेंड हैंड वाहनों के कारोबार पर सख्ती, दिल्ली में पुराने वाहन डीलरों का पंजीकरण अनिवार्य
ANPR कैमरों और FASTag से होगी वसूली
राज्य की सीमाओं पर लगाए गए 15 ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों के जरिए बाहर से आने वाले वाहनों की पहचान की जाएगी। ये कैमरे वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर पढ़कर यह तय करेंगे कि वाहन राज्य के बाहर का है या नहीं। इसके बाद टोल टैक्स की तर्ज पर ग्रीन सेस की राशि वाहन में लगे FASTag (फास्टैग) खाते से खुद-ब-खुद कट जाएगी। यह सेस 24 घंटे के लिए मान्य होगा।
यह भी पढ़ें - Traffic Fine: दिल्ली ट्रैफिक चालान भुगतान हुआ डिजिटल, अब UPI से तुरंत जुर्माना भरें, न नकद न कोर्ट के चक्कर
किन वाहनों को मिलेगी छूट
परिवहन विभाग ने ग्रीन सेस से कुछ श्रेणियों के वाहनों को छूट देने का प्रस्ताव रखा है। इसमें दोपहिया और तिपहिया वाहन, इलेक्ट्रिक और सीएनजी से चलने वाले वाहन शामिल हैं। इसके अलावा सरकारी वाहन, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस सेवाओं को भी इस सेस से मुक्त रखा जाएगा। ताकि आवश्यक और आपात सेवाओं पर कोई असर न पड़े।
यह भी पढ़ें - PUCC: यूपी में एक जनवरी से वाहन प्रदूषण जांच शुल्क बढ़ेगा, डीजल वाहनों को राहत, वाहन मालिकों को दी गई यह सलाह
शुल्क दरें और पास की सुविधा
नई व्यवस्था के तहत लाइट मोटर व्हीकल्स, जैसे कार और हल्के मालवाहक वाहनों से 80 रुपये का ग्रीन सेस लिया जाएगा। 12 से अधिक सीटों वाली बसों पर 140 रुपये और सात एक्सल वाले भारी वाहनों पर 700 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। यह शुल्क 24 घंटे के लिए वैध होगा।
यह भी पढ़ें - GRAP-4: दिल्ली-एनसीआर में लागू हुए कड़े प्रदूषण नियम, जानें ताजा पाबंदियों से किन्हें मिली छूट
बार-बार उत्तराखंड आने वाले वाहनों की सुविधा के लिए विभाग ने पास सिस्टम भी तैयार किया है। अगर कोई वाहन 20 दिनों के सेस के बराबर एकमुश्त राशि जमा करता है तो उसे तीन महीने के लिए वैध पास मिलेगा। वहीं, 60 दिनों के सेस के बराबर भुगतान करने पर पूरे एक साल के लिए ग्रीन सेस से छूट दी जाएगी।
इस नई व्यवस्था के साथ सरकार को उम्मीद है कि पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को मजबूती मिलेगी और राज्य में प्रवेश करने वाले वाहनों पर बेहतर निगरानी भी सुनिश्चित की जा सकेगी।
यह भी पढ़ें - Car Safety: अपडेट के बाद मेड-इन-इंडिया सुजुकी बलेनो को लैटिन NCAP में मिली 2-स्टार रेटिंग, जानें डिटेल्स
यह भी पढ़ें - CAFE: छोटे पेट्रोल वाहनों को कैफे छूट का टाटा मोटर्स ने किया विरोध, ईवी और सुरक्षा पर असर की चेतावनी
यह भी पढ़ें - Supreme Court: सरकार BS-IV से पुराने वाहनों पर कर सकती है कार्रवाई, सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में किया बदलाव