अमेरिकी सरकार ने शुक्रवार को इलेक्ट्रिक वाहनों पर मिलने वाले टैक्स क्रेडिट के कुछ नियमों को ढीला कर दिया है। जिससे संभावित रूप से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन पर अब 7,500 डॉलर तक का क्रेडिट मिल सकता है। लेकिन इससे आलोचकों का कहना है कि बाइडन प्रशासन चीन की मदद कर रहा है। ट्रेजरी विभाग ने 2022 के इन्फ्लेशन रिडक्शन एक्ट के तहत क्रेडिट के लिए अंतिम नियमों की घोषणा की। जिससे वाहन निर्माताओं को बैटरी से जुड़े खनिज कहां से आ सकते हैं, इसके बारे में कुछ प्रावधानों का पालन करने के लिए ज्यादा समय मिलता है।
ये क्रेडिट नए इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 3,750 डॉलर से 7,500 डॉलर तक के बीच हैं। पुरानी गाड़ियों के लिए भी 4,000 डॉलर का क्रेडिट है। इनका लक्ष्य 2030 तक सभी नए वाहन बिक्री का आधा हिस्सा इलेक्ट्रिक बनाने के लिए बाइडन प्रशासन के लक्ष्य को हासिल करने के प्रयास में ईवी की मांग को बढ़ाना है। इस वर्ष ये क्रेडिट इनकम टैक्स रिफंड काक इंतजार करने के बजाय किसी अधिकृत डीलर से वाहन खरीदते समय ही उपलब्ध हैं।
क्रेडिट के लिए योग्यता निर्धारित करने वाले कारक हैं व्यक्ति की आय, वाहन की कीमत और बैटरी के निर्माण और खनिजों से जुड़ी आवश्यकताएं जो हर साल सख्त होती जाती हैं। क्रेडिट हासिल करने के लिए, इलेक्ट्रिक वाहनों को उत्तरी अमेरिका में ही बनाया जाना चाहिए। कुछ प्लग-इन हाइब्रिड भी इसके लिए पात्र हो सकते हैं।
इस साल से, घरेलू इलेक्ट्रिक वाहन सप्लाई चेन के विकास को बढ़ावा देने के लिए जटिल नियमों को लागू किया जा रहा है। ये नियम ईवी खरीदारों को फुल टैक्स क्रेडिट का दावा करने से रोकेंगे। अगर वे चीन और अन्य "चिंताजनक" देशों से बैटरी सामग्री वाली कार खरीदते हैं, जिन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए शत्रुतापूर्ण माना जाता है। इनमें रूस, उत्तर कोरिया और ईरान शामिल हैं।
अधिकारियों ने कहा, हालांकि अंतिम नियम के तहत, बैटरी में इस्तेमाल होने वाले थोड़ी मात्रा में ग्रेफाइट और अन्य खनिजों को 2027 तक प्रतिबंध से मुक्त कर दिया जाएगा। क्योंकि उनकी उत्पत्ति का देश पता लगाना लगभग असंभव है। छूट के बिना, कुछ वाहन जो लगभग सभी आवश्यकताओं को पूरा करते थे, वे कम मात्रा में होने वाले खनिजों के कारण टैक्स छूट पाने की पात्रता से बाहर हो सकते थे। जिनका पता नहीं लगाया जा सकता था। ट्रेजरी विभाग ने कहा।
नेशनल माइनिंग एसोसिएशन ने नए छूट को चीन को फायदा पहुंचाने वाला कदम बताया है।
खनन लॉबी के अध्यक्ष और सीईओ रिच नोलन ने कहा, "कांग्रेस ने इन कर प्रोत्साहनों को हमारी सप्लाई चेन को सुरक्षित करने और अमेरिकी नौकरियां पैदा करने के साथ-साथ ईवी को अपनाने का समर्थन करने के लिए बनाया है। उनका इरादा ऐसा कोई रास्ता बनाने का नहीं था। जो अनिवार्य रूप से अमेरिकी करदाता से चीन को ब्लैंक चेक देने जैसा हो।"