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नितिन गडकरी: गाड़ियों में फ्लेक्स-फ्यूल इंजन पेश करने के लिए वाहन निर्माताओं के पास छह महीने का समय

Thu, 23 Dec 2021 09:09 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को कहा कि सरकार ने कार निर्माताओं को छह महीने के भीतर वाहनों में फ्लेक्सिबल-फ्यूल इंजन पेश करने की एडवायजरी जारी की है। 
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Nitin Gadkari - फोटो : PTI
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विस्तार
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केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को कहा कि सरकार ने कार निर्माताओं को छह महीने के भीतर वाहनों में फ्लेक्सिबल-फ्यूल इंजन पेश करने की एडवायजरी जारी की है। गडकरी ने कहा कि उन्होंने फ्लेक्स-फ्यूल इंजन के बारे में एक फाइल पर हस्ताक्षर किए हैं, जो कार निर्माताओं को अपने वाहनों के लिए फ्लेक्स-फ्यूल इंजन बनाने की सलाह देते हैं।
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मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ने कार निर्माताओं को ऐसे वाहनों में फ्लेक्स-फ्यूल इंजन लगाने के लिए छह महीने का समय दिया है जो एक से अधिक ईंधन से चल सकते हैं। 

Bajaj Auto Bike Plant - फोटो : Twitter
'हमें पेट्रोल की जरूरत नहीं होगी...'
गडकरी ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार हरित और वैकल्पिक ईंधन के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने आगे जिक्र किया कि टीवीएस मोटर्स और बजाज ऑटो जैसी ऑटो कंपनियों ने अपने दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए भी फ्लेक्स-फ्यूल इंजन का निर्माण शुरू कर दिया है। 

गडकरी ने आगे कहा, "जल्द ही, चार पहिया वाहन 100 प्रतिशत इथेनॉल पर चलेंगे। इसलिए, हमें पेट्रोल की जरूरत नहीं होगी... और, ग्रीन फ्यूल के इस्तेमाल से हमारे पैसे की बचत होगी।" 

Bike Manufacturing Plant - फोटो : PTI
कम होगा प्रदूषण
फ्लेक्स-ईंधन या फ्लैक्सिबल ईंधन एक वैकल्पिक ईंधन है जो पेट्रोल को मेथनॉल या इथेनॉल के साथ मिलाकर बनाया जाता है। फ्लेक्स-ईंधन को इसकी जैव ईंधन प्रकृति के कारण पेट्रोल की तुलना में कम प्रदूषक होने का दावा किया जाता है। फ्लेक्स-फ्यूल इंजन पेट्रोल और बायोफ्यूल दोनों पर भी चल सकते हैं। 

प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण को बढ़ाना लक्ष्य
मौजूदा समय में, ब्राजील और अमेरिका दो प्रमुख बाजार हैं जहां इथेनॉल-मिश्रित ईंधन और फ्लेक्स-ईंधन इंजन मुख्य रूप से इस्तेमाल किए जाते हैं। भारत फॉसिल फ्यूल के प्रमुख उपभोक्ताओं में से एक है और यह अपनी कुल फॉसिल फ्यूल जरूरत का 80 प्रतिशत आयात करता है।

भारत का उद्देश्य इथेनॉल और इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल के उत्पादन और खपत को बढ़ावा देना है। भारत ने पहले ही पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण को बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। 
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सांकेतिक - फोटो : PTI
ईंधन आयात बिल होगा कम
पेट्रोल में इथेनॉल के मिश्रण को बढ़ाने और फ्लेक्स-फ्यूल इंजनों को पेश करने का उद्देश्य जीवाश्म ईंधन के इस्तेमाल को कम करना है जिससे भारत के ईंधन आयात बिल में कमी आएगी। साथ ही इस कदम से प्रदूषण के स्तर में काफी कमी आएगी।
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