पेट्रोल पंप (सांकेतिक सस्वीर)
- फोटो : AI
किसानों से लेकर ऊर्जा सुरक्षा तक फायदेमंद
पुरी ने बताया कि इथेनॉल कार्यक्रम की वजह से भारत के किसान अब ऊर्जा प्रदाता भी बन गए हैं। इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है, कच्चे तेल के आयात पर 1.4 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई है और प्रदूषण भी घटा है।
उन्होंने याद दिलाया कि सरकार ने नवंबर 2020 तक 10 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य रखा था, जो पांच महीने पहले ही हासिल कर लिया गया। 20 प्रतिशत ब्लेंडिंग का लक्ष्य 2030 तक रखा गया था, लेकिन यह पांच साल पहले ही पूरा कर लिया गया।
यह भी पढ़ें - BMW S 1000 R: बीएमडब्ल्यू की हाइपर-नेकेड रोडस्टर बाइक भारत में लॉन्च, जानें कीमत और दमदार फीचर्स
E20 पेट्रोल डिस्पेंसर (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : AI
कोई विवाद नहीं, अफवाहों पर न दें ध्यान
पुरी ने कहा, "किसी तरह का विवाद नहीं है। समस्या तब शुरू हुई जब कुछ बयानों में कहा गया कि हम इसे और आगे बढ़ाएंगे। लेकिन इस पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। मैं आश्वस्त करता हूं कि इथेनॉल कार्यक्रम में कोई विवाद नहीं है। इसके जरिए हमारे अन्नदाता ऊर्जा दाता बन रहे हैं।"
यह भी पढ़ें - 2025 Royal Enfield Meteor 350: 2025 रॉयल एनफील्ड मीटियोर 350 क्रूजर बाइक लॉन्च, जानें कीमत और नए फीचर्स
E20 पेट्रोल डिस्पेंसर (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : AI
भारत की तेज रफ्तार- 1.53% से 20% तक
भारत ने पिछले एक दशक में इथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर बड़ी तेजी दिखाई है।
- 2014 में यह दर सिर्फ 1.53% थी।
- 2022 तक 10% ब्लेंडिंग का लक्ष्य समय से पहले पूरा हो गया।
- 20% (E20) का लक्ष्य, जो पहले 2030 और फिर 2025 के लिए तय किया गया था, पहले ही पूरा कर लिया गया है।
यह भी पढ़ें - Traffic Fines: दिल्ली सरकार ट्रैफिक जुर्माना चुकाने के लिए एक मौका और छूट भी देगी, जानें डिटेल्स
असम में दुनिया का पहला बांस आधारित इथेनॉल प्लांट
पुरी ने यह भी बताया कि इथेनॉल उत्पादन को भारत की ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन से जोड़ा गया है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम में नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड का बांस आधारित इथेनॉल प्लांट शुरू किया। यह दुनिया का पहला ऐसा सेकंड-जनरेशन बायोइथेनॉल प्लांट है, जो बांस का इस्तेमाल करता है। इसकी लागत करीब 5,000 करोड़ रुपये है।
यह भी पढ़ें - Electric Two-Wheeler: यह भारतीय राज्य इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर सब्सिडी बढ़ाकर ₹30,000 करेगा, जानें डिटेल्स
माइलेज और बीमा पर भी सरकार का स्पष्टीकरण
कुछ दावों में कहा गया कि E20 ईंधन से गाड़ियों का माइलेज काफी घटता है, लेकिन पेट्रोलियम मंत्रालय ने इसे गलत बताया है। मंत्रालय के मुताबिक, नए मॉडल्स (E20 के लिए कैलिब्रेटेड) में माइलेज सिर्फ 1-2 प्रतिशत घटता है, जबकि पुराने मॉडलों में यह कमी 3-6 प्रतिशत तक होती है। यानी असर मामूली है, जैसा दावा किया जा रहा है वैसा नहीं।
मंत्रालय ने यह भी साफ किया कि E20 ईंधन से वाहनों की इंश्योरेंस वैधता पर कोई असर नहीं पड़ता। वाहन मालिकों को जरूरत पड़ने पर अधिकृत सर्विस स्टेशन से मदद मिल सकती है।
यह भी पढ़ें - Bike Theft: यूके में भारतीय बाइक राइडर की चोरी हुई बाइक की जगह मिला तोहफा, भावुक हो कहा- कभी सोचा नहीं था
किसानों को फायदा और प्रदूषण में कमी
2014-15 से अब तक इथेनॉल ब्लेंडिंग की वजह से देश को 1.40 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है। किसानों को 1.20 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान हुआ है और लाखों टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आई है।
यह भी पढ़ें - Automobile Industry: 80 प्रतिशत भारतीय गाड़ियों की लॉन्चिंग में क्यों होती है देरी? नए अध्ययन में खुलासा
यह भी पढ़ें - Suzuki Avenis Naruto Shippuden: सुजुकी एवेनिस और नारुतो की जोड़ी, भारत में आया अनोखा एनीमे एडिशन
सुप्रीम कोर्ट और नितिन गडकरी का बयान
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में E20 लागू करने को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। वहीं, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम की आलोचना को 'पैसे देकर चलाया गया अभियान' करार दिया।
यह भी पढ़ें - Nitin Gadkari: स्क्रैपिंग से मिलेगा बड़ा फायदा, 97 लाख गाड़ियों से ₹40,000 करोड़ जीएसटी की कमाई संभव
यह भी पढ़ें - TVS Jupiter 110 Special Edition: टीवीएस ने लॉन्च किया जुपिटर 110 स्पेशल एडिशन, जानें कीमत और क्या है खास