AMT (ऑटोमेटेड मैनुअल ट्रांसमिशन)
AMT सबसे सस्ता ऑटोमैटिक गियरबॉक्स है। इसे सेमी-ऑटोमैटिक भी कहते हैं क्योंकि इसमें मैनुअल गियरबॉक्स होता है, लेकिन क्लच और गियर बदलने का काम कार खुद करती है। इसमें क्लच पेडल दबाने या गियर बदलने की जरूरत नहीं होती। हालांकि, गियर शिफ्ट कभी-कभी झटकेदार लग सकते हैं। यह बजट फ्रेंडली खरीदारों के लिए अच्छा विकल्प है।
यह भी पढ़ें - EV: मुंबई में 85 प्रतिशत ऑटो और टैक्सी ड्राइवर क्यों नहीं अपना पा रहे इलेक्ट्रिक वाहन? सर्वे ने बताई वजह
CVT (कंटीन्यूअसली वेरिएबल ट्रांसमिशन)
CVT में गियर की जगह बेल्ट और पुली सिस्टम होता है, जो अनलिमिटेड गियर रेशियो ऑफर करता है। ड्राइविंग काफी स्मूद रहती है, लेकिन तेज एक्सेलेरेशन के समय थोड़ी सुस्ती महसूस हो सकती है। यह उन लोगों के लिए अच्छा है जो रिलैक्स्ड ड्राइविंग स्टाइल पसंद करते हैं। हालांकि, यह AMT से महंगा होता है।
यह भी पढ़ें - EV Fire Safety Tips: अपने इलेक्ट्रिक वाहन को आग से कैसे बचाएं, जानें पांच जरूरी टिप्स
DCT (डुअल-क्लच ट्रांसमिशन)
इस गियरबॉक्स में दो क्लच होते हैं। एक ऑड गियर के लिए और दूसरा ईवन गियर के लिए। इसकी वजह से गियर शिफ्ट बेहद तेज और स्मूद होते हैं। यह परफॉर्मेंस ड्राइविंग पसंद करने वालों के लिए परफेक्ट है। हालांकि, DCT काफी महंगा होता है और आमतौर पर प्रीमियम कारों में ही देखने को मिलता है।
यह भी पढ़ें - GST 2.0: ऑटो कंपनियों के खातों पर 2,500 करोड़ रुपये का सेस इस तारीख को समाप्त हो जाएगा, जानें डिटेल्स
यह भी पढ़ें - Sunroof Car Risk: सनरूफ से बाहर निकले बच्चे के सिर पर लगा ओवरहेड बैरियर, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
iMT (इंटेलिजेंट मैनुअल ट्रांसमिशन)
iMT पूरी तरह ऑटोमैटिक नहीं है। इसमें गियर आपको खुद बदलने पड़ते हैं, लेकिन क्लच पेडल नहीं होता। क्लच का काम सेंसर खुद-ब-खुद कर लेते हैं। यह CVT या DCT से सस्ता होता है, लेकिन मैनुअल से थोड़ा महंगा। अगर आप मैनुअल ड्राइविंग का मज़ा लेना चाहते हैं, लेकिन क्लच की झंझट नहीं चाहते, तो यह अच्छा ऑप्शन है।
यह भी पढ़ें - Fancy Number: फैंसी नंबर प्लेट की दीवानगी! स्कूटर 55 हजार का, लेकिन नंबर प्लेट पर खर्च किए 28 गुना ज्यादा
Torque Converter (टॉर्क कन्वर्टर)
यह सबसे पुराना ऑटोमैटिक गियरबॉक्स है, लेकिन नई टेक्नोलॉजी की वजह से अब पहले से काफी बेहतर हो चुका है। इसमें गियर शिफ्ट करने के लिए फ्लूड सिस्टम का इस्तेमाल होता है। गियर शिफ्ट स्मूद रहते हैं और यह पावरफुल इंजनों के साथ अच्छा काम करता है। इसकी कीमत मैनुअल से लगभग 1 से 1.5 लाख रुपये ज्यादा होती है। शहर और हाइवे, दोनों तरह की ड्राइविंग के लिए यह एक भरोसेमंद विकल्प है।
यह भी पढ़ें - Luxury Cars: सस्ती होंगी लग्जरी कारें, यूरोपीय यूनियन की महंगी कारों पर भारत दे सकता है टैक्स में राहत!
यह भी पढ़ें - World EV Day: म्यूनिख ऑटो शो 2025 में इलेक्ट्रिक कारों की धूम, पेश हुए एक से बढ़कर एक नए ईवी मॉडल