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Traffic Challan: जानें अब घर बैठे ट्रैफिक चालान को कैसे दे सकते हैं चुनौती, अनदेखी पर लाइसेंस, आरसी पर खतरा

Sat, 24 Jan 2026 03:20 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने चालान और ई-चालान भरने के तरीकों और समय-सीमा के बारे में नई गाइडलाइंस जारी की हैं।
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Gurugram Police Traffic Challan - फोटो : Facebook/Gurugram Traffic Police
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विस्तार
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केंद्र सरकार ने ट्रैफिक चालान और ई-चालान से जुड़ी प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, इन नियमों का मकसद चालान भुगतान में सुधार लाना और वाहन चालकों को ऑनलाइन चालान चुनौती देने का स्पष्ट मौका देना है।
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सरकार का कहना है कि फिलहाल देशभर में सिर्फ करीब 38 प्रतिशत ई-चालान ही समय पर भरे जा रहे हैं, जिसे बढ़ाने के लिए यह बदलाव जरूरी था।

 

ट्रैफिक चालान को ऑनलाइन कैसे चुनौती दें?
  1. नए नियमों के तहत अब वाहन चालकों को चालान मिलने के बाद तय समय में अपनी बात रखने का मौका मिलेगा।
  2. चालान जारी होने की तारीख से 45 दिनों के भीतर चालक challan.parivahan.in पोर्टल पर सबूत अपलोड कर चालान को चुनौती दे सकते हैं।
  3. अगर 45 दिनों के भीतर चालान को चुनौती नहीं दी जाती, तो उसे स्वीकार माना जाएगा।
  4. इसके बाद अगले 30 दिनों में जुर्माना भरना अनिवार्य होगा। इस तरह कुल मिलाकर चालान निपटाने के लिए 75 दिन का समय मिलेगा।

वर्चुअल कोर्ट की अनिवार्यता खत्म
  • पहले नियमों के तहत, अगर 90 दिनों तक चालान नहीं भरा जाता था, तो मामला अपने आप वर्चुअल कोर्ट में चला जाता था। इससे कई लोग चालान को नजरअंदाज कर देते थे।
  • नए नियमों में ऑटोमैटिक कोर्ट रेफरल की व्यवस्था खत्म कर दी गई है, ताकि लोग सीधे पोर्टल पर चालान सुलझाएं।

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चुनौती दिए गए चालान का निपटारा कितने दिन में होगा?
जो चालान ऑनलाइन चुनौती दिए जाएंगे, उनका 30 दिनों के भीतर निपटारा करना अनिवार्य होगा।
  • संबंधित अधिकारी को लिखित रूप में फैसला देना होगा
  • निर्णय को पोर्टल पर अपलोड करना भी जरूरी होगा

चालान को नजरअंदाज करने पर क्या होगा?
अगर कोई चालक न तो चालान भरे और न ही उसे चुनौती दे, तो उसके लिए सख्त कदम तय किए गए हैं।
  • तय समयसीमा के बाद रोजाना रिमाइंडर भेजे जाएंगे
  • फिर भी भुगतान या जवाब न मिलने पर ड्राइविंग लाइसेंस या वाहन रजिस्ट्रेशन को पोर्टल पर "लेन-देन नहीं किया जाना है" मार्क कर दिया जाएगा
  • इसके बाद टैक्स से जुड़े मामलों को छोड़कर कोई भी सेवा उपलब्ध नहीं होगी


 

किन चालानों पर लागू होंगे नए नियम?
ये नई प्रक्रियाएं सिर्फ कंपाउंडेबल चालानों पर लागू होंगी, यानी ऐसे उल्लंघन जिनका जुर्माना मौके पर या ऑनलाइन भरा जा सकता है।

नॉन-कंपाउंडेबल चालान अब भी अदालत में ही सुलझाने होंगे। हालांकि, संसद में विचाराधीन जन विश्वास विधेयक 2.0 के तहत भविष्य में कई नॉन-कंपाउंडेबल अपराधों को भी कंपाउंडेबल बनाया जा सकता है।

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वाहन चालकों के लिए सरकारी सलाह
सरकार ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे challan.parivahan.in पोर्टल पर नियमित रूप से लॉग इन कर
  • अपने चालान की स्थिति जांचें
  • समय-सीमा का पालन करें
  • और ट्रैफिक नियमों से जुड़ी अपडेट जानकारी लेते रहें

नए नियमों के तहत अब चालान को नजरअंदाज करना मुश्किल होगा। लेकिन सही समय पर कदम उठाकर अनावश्यक जुर्माने और कानूनी परेशानियों से बचा जा सकता है।

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