चुनौती दिए गए चालान का निपटारा कितने दिन में होगा?
जो चालान ऑनलाइन चुनौती दिए जाएंगे, उनका 30 दिनों के भीतर निपटारा करना अनिवार्य होगा।
- संबंधित अधिकारी को लिखित रूप में फैसला देना होगा
- निर्णय को पोर्टल पर अपलोड करना भी जरूरी होगा
चालान को नजरअंदाज करने पर क्या होगा?
अगर कोई चालक न तो चालान भरे और न ही उसे चुनौती दे, तो उसके लिए सख्त कदम तय किए गए हैं।
- तय समयसीमा के बाद रोजाना रिमाइंडर भेजे जाएंगे
- फिर भी भुगतान या जवाब न मिलने पर ड्राइविंग लाइसेंस या वाहन रजिस्ट्रेशन को पोर्टल पर "लेन-देन नहीं किया जाना है" मार्क कर दिया जाएगा
- इसके बाद टैक्स से जुड़े मामलों को छोड़कर कोई भी सेवा उपलब्ध नहीं होगी
किन चालानों पर लागू होंगे नए नियम?
ये नई प्रक्रियाएं सिर्फ कंपाउंडेबल चालानों पर लागू होंगी, यानी ऐसे उल्लंघन जिनका जुर्माना मौके पर या ऑनलाइन भरा जा सकता है।
नॉन-कंपाउंडेबल चालान अब भी अदालत में ही सुलझाने होंगे। हालांकि, संसद में विचाराधीन जन विश्वास विधेयक 2.0 के तहत भविष्य में कई नॉन-कंपाउंडेबल अपराधों को भी कंपाउंडेबल बनाया जा सकता है।
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वाहन चालकों के लिए सरकारी सलाह
सरकार ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे challan.parivahan.in पोर्टल पर नियमित रूप से लॉग इन कर
- अपने चालान की स्थिति जांचें
- समय-सीमा का पालन करें
- और ट्रैफिक नियमों से जुड़ी अपडेट जानकारी लेते रहें
नए नियमों के तहत अब चालान को नजरअंदाज करना मुश्किल होगा। लेकिन सही समय पर कदम उठाकर अनावश्यक जुर्माने और कानूनी परेशानियों से बचा जा सकता है।
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