भारत में डीजल से चलने वाली मल्टी-पर्पज व्हीकल (MPV) की बात हो और Toyota Innova Crysta (टोयोटा इनोवा क्रिस्टा) का नाम न आए, ऐसा मुश्किल है। लंबे समय से यह मॉडल लंबी दूरी की यात्रा करने वालों, फ्लीट ऑपरेटरों और बड़े परिवारों की पसंद बनी हुई है। लेकिन पिछले कुछ महीनों से ऐसी खबरें सामने आ रही थीं कि टोयोटा भविष्य में इस डीजल MPV (एमपीवी) कार को बंद कर सकती है।
इन अटकलों ने बाजार में काफी चर्चा पैदा कर दी थी। हालांकि अब Toyota Kirloskar Motor (टोयोटा किर्लोस्कर मोटर) ने इन खबरों को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है।
दरअसल, ऑटो उद्योग में कड़े होते उत्सर्जन और ईंधन दक्षता मानकों को लेकर चर्चा तेज है। खासतौर पर आने वाले CAFE-III नियमों को लेकर माना जा रहा है कि बड़े डीजल वाहनों को बाजार में बनाए रखना वाहन निर्माताओं के लिए और चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
इसी बीच:
इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता
वैकल्पिक ईंधनों की ओर बढ़ता उद्योग
Innova HyCross की बाजार में मौजूदगी
ने इस धारणा को मजबूत किया कि भविष्य में HyCross पूरी तरह Innova Crysta की जगह ले सकती है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस सवाल पर टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड और एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट अफेयर्स एंड गवर्नेंस) विक्रम गुलाटी का कहना है कि Innova Crysta को बंद करने की खबरें केवल अटकलें हैं।
जब उनसे पूछा गया कि क्या टोयोटा डीजल से दूर जा रही है और क्या HyCross ही एकमात्र Innova मॉडल बन जाएगी, तो उनका जवाब था, "मुझे लगता है कि यह सब अटकलें हैं।"
टोयोटा का मानना है कि भारतीय बाजार में डीजल वाहनों की मांग अब भी मजबूत बनी हुई है।
विक्रम गुलाटी के अनुसार:
ऐसे ग्राहक आज भी मौजूद हैं जिन्हें डीजल इंजन की जरूरत है।
लंबी दूरी की यात्रा करने वाले ग्राहक डीजल को प्राथमिकता देते हैं।
अधिक टॉर्क और बेहतर ड्राइविंग अनुभव डीजल की प्रमुख ताकत है।
टोयोटा का कहना है कि आधुनिक डीजल इंजन को लेकर लोगों की धारणा वास्तविकता से अलग है।
गुलाटी के मुताबिक:
BS6 मानकों के लागू होने के बाद उत्सर्जन के मामले में ईंधन तटस्थता आ गई है।
उनके अनुसार, आधुनिक डीजल इंजन उतने ही स्वच्छ हैं जितने सीएनजी या पेट्रोल वाहन।
टोयोटा ने डीजल वाहनों की लोकप्रियता के पीछे कई कारण गिनाए हैं।
मुख्य कारण:
बेहतर प्रदर्शन
ज्यादा टॉर्क
बेहतर माइलेज
गुलाटी ने यह भी कहा कि:
डीजल वाहन पहले से ही महंगे होते हैं।
BS6 के बाद उत्सर्जन नियंत्रण उपकरणों के कारण उनकी लागत और बढ़ गई है।
इसके बावजूद ग्राहक डीजल वाहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
टोयोटा का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कई वाहन निर्माता:
अपने डीजल पोर्टफोलियो को छोटा कर चुके हैं।
या पूरी तरह डीजल से बाहर निकल चुके हैं।
ऐसे माहौल में टोयोटा का यह मानना कि डीजल का अभी भी भारत के ऑटोमोबाइल बाजार में स्थान है, काफी अहम माना जा रहा है।
हालांकि कंपनी इलेक्ट्रिफाइड तकनीकों, फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों और हाइड्रोजन आधारित समाधानों में लगातार निवेश कर रही है। लेकिन टोयोटा का भविष्य केवल एक पावरट्रेन पर आधारित नहीं है।
विक्रम गुलाटी के अनुसार, "हमारा रास्ता स्पष्ट है कि हम हरित तकनीकों की ओर बढ़ेंगे, लेकिन हमारा मानना है कि भविष्य मल्टी-फ्यूल होगा।"
कंपनी का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार किसी एक तकनीक पर आधारित नहीं होगा।
भविष्य में बाजार में इन तकनीकों का मिश्रण देखने को मिल सकता है:
इलेक्ट्रिक वाहन (EV)
फ्लेक्स-फ्यूल हाइब्रिड
पेट्रोल वाहन
डीजल वाहन
CNG वाहन
अन्य वैकल्पिक ईंधन तकनीकें
टोयोटा के ताजा बयान से फिलहाल डीजल वाहन पसंद करने वाले ग्राहकों को राहत मिल सकती है।
बढ़ते नियामकीय दबाव और उद्योग में तेजी से बढ़ रहे विद्युतीकरण के बावजूद कंपनी ने स्पष्ट किया है कि:
Innova Crysta को जल्द बंद करने की कोई योजना नहीं है।
डीजल MPV अभी भी टोयोटा की रणनीति का हिस्सा बनी हुई है।
यानी, फिलहाल Innova Crysta के प्रशंसकों और डीजल वाहन पसंद करने वाले ग्राहकों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। क्योंकि कंपनी के अनुसार यह प्रतिष्ठित MPV अभी रिटायर होने नहीं जा रही है।