वित्त मंत्रालय से मिली मंजूरी, जल्द लागू होगा फैसला
खबर के अनुसार, सूत्रों का कहना है कि, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के इन दोनों प्रस्तावों को वित्त मंत्रालय की मंजूरी मिल चुकी है। मंत्रालय ने यह तर्क दिया था कि जब 10 मीटर चौड़ी दो लेन सड़क को चार लेन में बदला जाता है। तब निर्माण के कारण सड़क की उपलब्ध चौड़ाई कम हो जाती है और यात्रियों को पूरी सुविधा नहीं मिल पाती। ऐसे में पूरे टोल की वसूली उचित नहीं है।
यह भी पढ़ें - Auto Industry Outlook 2026: इस साल के लिए ऑटो उद्योग का आउटलुक सकारात्मक, सभी सेगमेंट्स में ग्रोथ के संकेत
निर्माण अवधि में टोल घटकर 30 प्रतिशत होगा
फिलहाल, किसी दो लेन हाईवे के चार लेन में विस्तार के दौरान यात्रियों से सामान्य राष्ट्रीय राजमार्ग टोल का करीब 60 प्रतिशत शुल्क लिया जाता है। अब वित्त मंत्रालय की सहमति के बाद यह शुल्क घटकर सिर्फ 30 प्रतिशत रह जाएगा। हालांकि, इसके साथ यह भी स्पष्ट किया गया है कि सड़क परियोजनाओं में तय समयसीमा से देरी होने पर ठेकेदारों पर सख्त जुर्माना लगाया जाएगा और इसकी निगरानी अनिवार्य होगी।
यह भी पढ़ें - Ducati Panigale V4 R: भारत में लॉन्च हुई डुकाटी पैनिगेल वी4 आर सुपरबाइक, रेसिंग डीएनए वाली दमदार सुपरबाइक, जानें कीमत और खूूबियां
आंशिक रूप से खुले एक्सप्रेसवे पर भी मिलेगा फायदा
रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त मंत्रालय ने यह भी तय किया है कि जो एक्सप्रेसवे अभी पूरी तरह चालू नहीं हैं, वहां एक साल तक या परियोजना पूरी होने तक, जो भी पहले हो, टोल दरें सामान्य राष्ट्रीय राजमार्गों के समान रहेंगी। मंत्रालय का मानना है कि ऊंचे टोल की वजह से खासकर भारी वाणिज्यिक वाहन इन एक्सप्रेसवे का उपयोग नहीं कर रहे हैं, जिससे यातायात अपेक्षा से कम है।
यह भी पढ़ें - 2026 Kia Seltos: नई जेनरेशन किआ सेलटोस एसयूवी अपने प्रतिद्वंद्वी के मुकाबले में कैसी है? जानें कीमत, इंजन, फीचर्स की तुलना
आगे ट्रैफिक के आधार पर होगा फैसला
सरकार ने संकेत दिए हैं कि एक साल बाद इस टोल छूट को आगे बढ़ाने पर फैसला एक्सप्रेसवे पर वास्तविक ट्रैफिक के आंकड़ों के आधार पर लिया जाएगा। साथ ही, सड़क परिवहन मंत्रालय को निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण कार्य में देरी होने पर संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यह कदम यात्रियों को राहत देने के साथ-साथ परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए दबाव बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
यह भी पढ़ें - CES 2026: जब कार बनेगी समझदार मशीन, हॉर्सपावर से ब्रेनपावर की ओर बदलाव, जानें आपके लिए क्या हैं इसके मायने
यह भी पढ़ें - EV: 2025 में BYD ने हासिल किया बिक्री लक्ष्य, टेस्ला को पछाड़कर सबसे बड़ी ईवी निर्माता बनने की तैयारी में