टैक्स प्रोत्साहनों ने बदली कार खरीद की तस्वीर
नॉर्वेजियन रोड फेडरेशन (OFV) के अनुसार, 2025 में रजिस्टर हुई नई कारों में 95.9 प्रतिशत इलेक्ट्रिक थीं। जबकि दिसंबर महीने में यह आंकड़ा लगभग 98 प्रतिशत तक पहुंच गया। यह हिस्सा 2024 के 88.9 प्रतिशत से कहीं ज्यादा है। साल भर में कुल 1,79,549 नई कारों का पंजीकरण हुआ, जो पिछले साल की तुलना में करीब 40 प्रतिशत ज्यादा है।
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टेस्ला फिर बनी सबसे ज्यादा बिकने वाली कार ब्रांड
2025 में लगातार पांचवें साल टेस्ला नॉर्वे की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार ब्रांड रही। कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 19.1 प्रतिशत रही, इसके बाद फॉक्सवैगन 13.3 प्रतिशत और वोल्वो 7.8 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ रहे। खास तौर पर टेस्ला मॉडल Y की मजबूत मांग के चलते कंपनी ने 27,621 कारें बेचीं। जो किसी भी एक ऑटोमेकर द्वारा नॉर्वे में एक साल में बेची गई सबसे बड़ी संख्या है।
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चीन में बनी कारों की हिस्सेदारी भी बढ़ी
2025 में नॉर्वे में चीन में निर्मित कारों की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 13.7 प्रतिशत हो गई, जो एक साल पहले 10.4 प्रतिशत थी। इस बढ़त में BYD (बीवाईडी) की बड़ी भूमिका रही, जिसने नॉर्वे में अपनी बिक्री को एक साल में दोगुने से भी ज्यादा कर लिया।
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ईवी पर टैक्स बढ़ोतरी से साल के आखिर में बढ़ी खरीदारी
नॉर्वे सरकार ने अक्तूबर में घोषणा की थी कि 1 जनवरी 2026 से इलेक्ट्रिक वाहनों पर प्रति कार करीब 5,000 डॉलर तक का वैट लगाया जाएगा। इस फैसले के बाद 2025 के आखिर तक टैक्स से बचने के लिए ग्राहकों और कार कंपनियों ने तेजी से खरीदारी और डिलीवरी सुनिश्चित की। ऑटो कंपनियों ने अन्य बाजारों से गाड़ियां नॉर्वे की ओर मोड़कर समय से पहले डिलीवरी दी।
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पेट्रोल-डीजल कारों पर सख्ती ने बदली दिशा
नॉर्वेजियन ईवी एसोसिएशन के अनुसार, नॉर्वे की सफलता केवल ईवी को दी गई छूट की वजह से नहीं है, बल्कि पेट्रोल और डीजल कारों पर लगातार बढ़ते टैक्स भी एक बड़ा कारण हैं। सरकार ने जीवाश्म ईंधन वाली कारों को इतना महंगा बना दिया है कि वे व्यावहारिक विकल्प नहीं रह गईं। यही वजह है कि 2025 में जो थोड़ी-बहुत गैर-इलेक्ट्रिक कारें बिकीं, वे ज्यादातर विशेष उपयोग वाली गाड़ियां थीं।
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छोटे और किफायती EV को मिल सकता है नया मौका
2026 में भी 3 लाख नॉर्वेजियन क्रोनर से कम कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों पर वैट नहीं लगाया जाएगा। इससे छोटे और किफायती ईवी मॉडल्स की वापसी तेज हो सकती है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में कॉम्पैक्ट कार सेगमेंट में कई नए इलेक्ट्रिक मॉडल देखने को मिलेंगे। जिससे नॉर्वे में ईवी बदलाव और मजबूत होगा।
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