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Toll: हाईवे यात्रियों को टोल में बड़ी राहत! निर्माणाधीन सड़कों पर आधा शुल्क, आंशिक एक्सप्रेसवे पर NH जैसे रेट

Fri, 02 Jan 2026 08:53 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हाईवे से आने-जाने वालों को राहत देते हुए, कंस्ट्रक्शन के दौरान दो-लेन से चार-लेन तक के हिस्सों पर टोल जल्द ही रोक दिया जाएगा और कुछ हद तक खुले एक्सप्रेसवे पर यूजर फीस भी नहीं लगेगी।
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टोल टैक्स - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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हाईवे पर सफर करने वालों के लिए राहत भरी खबर है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दो लेन से चार लेन में विस्तार के दौर से गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्गों पर निर्माण अवधि के दौरान टोल शुल्क जल्द ही आधा कर दिया जाएगा। इसके साथ ही, आंशिक रूप से चालू एक्सप्रेसवे, जैसे दिल्ली-मुंबई और अमृतसर-जामनगर, पर लिया जाने वाला टोल भी अब अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों के बराबर होगा। अभी तक एक्सप्रेसवे पर टोल सामान्य एनएच की तुलना में 1.25 गुना वसूला जा रहा था।
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वित्त मंत्रालय से मिली मंजूरी, जल्द लागू होगा फैसला
खबर के अनुसार, सूत्रों का कहना है कि, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के इन दोनों प्रस्तावों को वित्त मंत्रालय की मंजूरी मिल चुकी है। मंत्रालय ने यह तर्क दिया था कि जब 10 मीटर चौड़ी दो लेन सड़क को चार लेन में बदला जाता है। तब निर्माण के कारण सड़क की उपलब्ध चौड़ाई कम हो जाती है और यात्रियों को पूरी सुविधा नहीं मिल पाती। ऐसे में पूरे टोल की वसूली उचित नहीं है।

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निर्माण अवधि में टोल घटकर 30 प्रतिशत होगा
फिलहाल, किसी दो लेन हाईवे के चार लेन में विस्तार के दौरान यात्रियों से सामान्य राष्ट्रीय राजमार्ग टोल का करीब 60 प्रतिशत शुल्क लिया जाता है। अब वित्त मंत्रालय की सहमति के बाद यह शुल्क घटकर सिर्फ 30 प्रतिशत रह जाएगा। हालांकि, इसके साथ यह भी स्पष्ट किया गया है कि सड़क परियोजनाओं में तय समयसीमा से देरी होने पर ठेकेदारों पर सख्त जुर्माना लगाया जाएगा और इसकी निगरानी अनिवार्य होगी।

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आंशिक रूप से खुले एक्सप्रेसवे पर भी मिलेगा फायदा
रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त मंत्रालय ने यह भी तय किया है कि जो एक्सप्रेसवे अभी पूरी तरह चालू नहीं हैं, वहां एक साल तक या परियोजना पूरी होने तक, जो भी पहले हो, टोल दरें सामान्य राष्ट्रीय राजमार्गों के समान रहेंगी। मंत्रालय का मानना है कि ऊंचे टोल की वजह से खासकर भारी वाणिज्यिक वाहन इन एक्सप्रेसवे का उपयोग नहीं कर रहे हैं, जिससे यातायात अपेक्षा से कम है।

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आगे ट्रैफिक के आधार पर होगा फैसला
सरकार ने संकेत दिए हैं कि एक साल बाद इस टोल छूट को आगे बढ़ाने पर फैसला एक्सप्रेसवे पर वास्तविक ट्रैफिक के आंकड़ों के आधार पर लिया जाएगा। साथ ही, सड़क परिवहन मंत्रालय को निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण कार्य में देरी होने पर संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यह कदम यात्रियों को राहत देने के साथ-साथ परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए दबाव बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

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