सेकेंड हैंड इलेक्ट्रिक कार खरीदने से पहले बजट निर्धारण काफी जरूरी है। नई इलेक्ट्रिक कार की कीमत के मुकाबले पुरानी इलेक्ट्रिक कार का दाम कम ही रहेगा। ऐसे में अगर आप पहले से ही अपना बजट बनाकर चलेंगे तो आपको किसी एक कार का चुनाव करने में परेशानी नहीं आएगी। वहीं, सामने वाला व्यक्ति भी आपको जानबूझकर ज्यादा कीमत में पुरानी इलेक्ट्रिक कार खरीदने के लिए दबाव नहीं डालेगा।
पुरानी इलेक्ट्रिक कार खरीदने का विचार कर रहे हैं तो पहले यह निर्धारित करें कि आप किस मकसद के साथ पुरानी इलेक्ट्रिक कार खरीद रहे हैं। अगर आप अक्सर लंबे सफर पर जाते हैं तो फिर पुरानी इलेक्ट्रिक कार को घर लाते वक्त इस बात का ध्यान रखें। वहीं, अगर आप शहरों में सफर के लिए ईवी कार लेने की सोच रहे हैं तो उस हिसाब से कार की रेंज निर्धारित करें, ताकि बाद में किसी तरह की दिक्कत न हो।
देश में बीते पांच सालों में इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार अच्छी गति से आगे बढ़ा है। इलेक्ट्रिक कार पूरी तरह से बैटरी पर निर्भर करती है। अगर आप पुरानी इलेक्ट्रिक कार घर लाने की सोच रहे हैं तो आपको गाड़ी की बैटरी पर खास ध्यान देना होगा। दरअसल, इलेक्ट्रिक कार अगर 3 साल से अधिक पुरानी है तो बैटरी की क्षमता कम हो सकती है। इसका सीधा असर कार की रेंज पर पड़ेगा, ऐसे में रेंज घट जाएगी।
अगर आप पुरानी इलेक्ट्रिक कार लेने की तैयारी कर रहे हैं तो एक बार इलेक्ट्रिक कार की वारंटी कितनी बाकी है और कितना समय निकल गया। इसकी जांच जरूर करें, ताकि बाद में किसी भी उपकरण में खराबी आने पर आसानी से उसे ठीक कराया जा सकें। इसके साथ ही कार की कितनी बार सर्विस हुई है, इसकी भी सही जानकारी मांगे, ताकि पहले हुई कोई भी दिक्कत सही समय पर सामने आ सकें। दरअसल, सर्विस इतिहास से कार की पुरानी परेशानी सामने आ जाती है।
पुरानी इलेक्ट्रिक कार को सही से जांचने के लिए उसकी टेस्ट ड्राइव ली जा सकती है। पुरानी कार की टेस्ट ड्राइव लेने से कई सारी चीजों की जानकारी मिल सकती है। अगर सेकेंड हैंड इलेक्ट्रिक कार की इलेक्ट्रिक मोटर या फिर बैटरी में किसी तरह की परेशानी होगी तो वो आसानी से सामने आ जाएगी। इसके अलावा गाड़ी के टायर और इंटीरियर की भी सही से जांच करें, ताकि बाद में कोई पछतावा न हो।