टेस्ला इलेक्ट्रिक वाहनों को अक्सर स्टाइलिंग, परफॉर्मेंस और लंबी ड्राइविंग रेंज जैसी चीजों के लिए सराहा जाता है। लेकिन क्या ये सभी फीचर्स भारतीय ग्राहक के लिए और भारतीय परिस्थितियों में प्रासंगिक होंगी? यहां हम आपको उन 5 फीचर्स के बारे में बता रहे हैं, भारत में टेस्ला कारें जिनके बिना भी काम चला सकती हैं।
टेस्ला की इलेक्ट्रिक कारें भारत आ रहीं हैं। जल्द ही भारत आने वाले टेस्ला के सीईओ एलन मस्क प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। और उनके यहां रहने के दौरान कंपनी की भारत में शुरुआत के बारे में आधिकारिक एलान करने की उम्मीद है। जैसा की उम्मीद है, इसको लेकर बहुत से कयास लगाए जा रहे हैं और अपेक्षाएं भी बहुत सारी हैं। जबकि टेस्ला इलेक्ट्रिक वाहनों को अक्सर स्टाइलिंग, परफॉर्मेंस और लंबी ड्राइविंग रेंज जैसी चीजों के लिए सराहा जाता है। ये कारें कई तरह के फीचर्स से भी भरपूर होती हैं। जो या तो बढ़ी हुई सुविधा, बेहतर परफॉर्मेंस या सिर्फ ओनरशिप की शान के बारे में होती हैं।
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लेकिन क्या ये सभी फीचर्स भारतीय ग्राहक के लिए और भारतीय परिस्थितियों में प्रासंगिक होंगी? यहां हम आपको उन 5 फीचर्स के बारे में बता रहे हैं, भारत में टेस्ला कारें जिनके बिना भी काम चला सकती हैं।
टेस्ला ऑटोपायलट सिस्टम
टेस्ला अपने ऑटोपायलट सिस्टम को अपने सभी ईवी में, दुनिया के जितने हिस्से में संभव हो वहां, लाने के लिए दृढ़ है। ऑटोपायलट सिस्टम अनिवार्य रूप से ऑटोनॉमस या सेल्फ-ड्राइव क्षमताओं के बारे में है। जो एक टेस्ला ईवी को बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के खुद को चलाने की अनुमति देती है। जबकि एडीएएस या एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम भारत में पहले से ही बिकने वाले कई कार मॉडल पर उपलब्ध है। टेस्ला की कोई कार पूरी तरह से रास्ते पर खुद से नेविगेट हो, यह भारत में इतना अच्छा विचार नहीं हो सकता है।
भारतीय ड्राइविंग परिस्थितियां गतिशील होती हैं और बहुत चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं। यहां सड़क पर चलने के लिए अक्सर कई तरह के वाहनों, पैदल चलने वालों और यहां तक कि मवेशियों में जंग होती दिखती है। ट्रैफिक नियमों का हर समय और देश के सभी हिस्सों में सभी के द्वारा पालन नहीं किया जा सकता है। और यह अपने आप में टेस्ला ऑटोपायलट सिस्टम की क्षमताओं के लिए एक बड़ा खतरा पैदा कर सकता है।
टेस्ला लुडिक्रस मोड
कार को तेज रफ्तार में चलाने की चाहत बहुत से लोगों में होती है। और इलेक्ट्रिक कारें इंजन से चलने वाले अपने समकक्षों (ICE) की तुलना में ज्यादातर तेजी से चलती हैं। लेकिन लुडिक्रस मोड के साथ टेस्ला ईवी की प्रदर्शन क्षमताएं बढ़ जाती हैं। यह भारत में एक हास्यास्पद विचार हो सकता है। ऐसी कई हाई-परफॉर्मेंस कारें उन लोगों के लिए उपलब्ध हैं जो इन विकल्पों को खरीद सकते हैं। टेस्ला अपने ईवी पर लुडिक्रस मोड को एक्टिव नहीं करने का ऑप्शन चुन सकता है। क्योंकि स्पष्ट रूप से, भारत में इस तरह के फीचर का कानूनी रूप से परीक्षण कहां किया जा सकता है?
यह दुनिया के कई हिस्सों में चुनिंदा टेस्ला मॉडल में उपलब्ध है और तीन स्तरों में आता है - लुडिक्रस, लुडिक्रस+, और लुडिक्रस+ विथ वार्प मोड। अनिवार्य रूप से, इनमें से हर लेवल टेस्ला में तेज रफ्तार के लिए एक्सीलरेशन क्षमताओं को बढ़ाता है। यह फीचर ड्रैग स्ट्रिप या रेस ट्रैक के लिए फायदेमंद हो सकता है। लेकिन शायद सामान्य भारतीय ड्राइविंग के लिए नहीं।
टेस्ला इन-कार गेमिंग
टेस्ला एक इलेक्ट्रिक कार है, लेकिन यह बहुत कुछ बनना चाहती है। टेस्ला के कई मॉडल चुनिंदा गेम से भरे होते हैं। जिन्हें अक्सर यात्रियों द्वारा वाहन के चलते समय खेला जा सकता है। हालांकि, भारत में ऐसा फीचर दुनिया के कई अन्य हिस्सों की तुलना में ज्यादा विचलित करने वाला हो सकता है। याद रखें, दुनिया के किसी भी हिस्से की तुलना में, भारत में सालाना सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं होती हैं।
टेस्ला फार्ट मोड
यह तो इसलिए कमाल है क्योंकि यह हास्यास्पद रूप से अनोखा है। लेकिन क्या टेस्ला कार को वाकई में फार्ट मोड की जरूरत है? ईमानदारी से कहा जाए तो यह थोड़ी नौटंकी लग सकती है और गैर-जरूरी है। टेस्ला में एक बूमबॉक्स मोड भी था जिसके साथ मालिक गाड़ी के हॉर्न को अपनी पसंद की किसी भी आवाज से बदल सकता था। हालांकि, सुरक्षा कारणों से इसे अमेरिका में बंद कर दिया गया था। भारत के कई शहरों में पहले से ही शोर का स्तर काफी ऊंचा है। इसलिए बेहतर होगा कि यह मोड भी यहां बिकने वाली टेस्ला ईवी में न दिया जाए।
टेस्ला स्मार्ट समन
कल्पना कीजिए कि आप भूल गए हैं कि आपने अपनी टेस्ला कहां पार्क की थी। टेस्ला स्मार्ट समन यह सुनिश्चित करने के लिए बहुत अच्छा हो सकता है कि एक बटन दबाने पर, आपकी ईवी खुद चलकर आपके ठीक उसी जगह पहुंच जाए जहां आप खड़े हैं। हालांकि टेस्ला ऑटोपायलट की तरह यह एक बहुत ही सुविधाजनक फीचर हो सकता है। लेकिन भारत में यह बिल्कुल भी अच्छा विचार नहीं है। उन्हीं कारणों से जिनकी वजह से ऑटोपायलट सिस्टम भारत के लिए मुफीद नहीं है।
टेस्ला के वो फीचर्स जिनकी भारत को निश्चित रूप से जरूरत है
टेस्ला के कई फीचर्स हैं जिनके भारत में काफी हिट होने की संभावना है। फिर चाहे वह बायोवेपन डिफेंस मोड हो। जो ईवी के अंदर सभी को साफ हवा में सांस लेने की अनुमति देता है। या फिर तेज रफ्तार से चार्ज करने की क्षमता। या यहां तक कि सेंट्री मोड भी हो जो गाड़ी के आसपास के माहौल पर नजर रखने और किसी भी घुसपैठ की कोशिश के लिए अलर्ट जारी करने के लिए ऑन-बोर्ड कार कैम का इस्तेमाल करता है। ये खासियतें कहीं और की तुलना में भारत में ज्यादा प्रासंगिक हो सकती हैं।