'खुली लूट है ये', सोशल मीडिया पर यूजर्स भड़के
नई गाइडलाइंस के मुताबिक, पीक आवर्स में अधिकतम किराया बेस फेयर का दो गुना और न्यूनतम किराया बेस फेयर का 50 प्रतिशत रखा गया है। सरकार का कहना है कि इससे कैब किराए को लेकर पारदर्शिता आएगी, लेकिन आम यात्रियों को ये बात रास नहीं आई।
सोशल मीडिया एक्स (पहले ट्विटर) पर अंकित मयंक नाम के यूजर ने लिखा, "मिडल क्लास पर एक और वार। मोदी सरकार ने ओला, उबर और रैपिडो को खुली लूट की छूट दे दी है। पीक टाइम में किराया दो गुना, कैंसिल करने पर 10 प्रतिशत चार्ज, ऊपर से पुरानी कारें भी स्क्रैप हो जाएंगी। इतिहास की सबसे ज्यादा मिडल क्लास विरोधी सरकार।"
यह भी पढ़ें - No Fuel Policy: क्या नोएडा के लोगों को भी मिलेगा दिल्ली वालों जैसा दर्द, पुरानी गाड़ियों पर लागू होगा ये नियम?
यह भी पढ़ें - Tesla: एलन मस्क के विचारों की वजह से ग्राहक दूर, बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच फिर गिरी टेस्ला की बिक्री
एक अन्य यूजर सुप्रिया हांसदा ने लिखा, "पहले हमारे फ्यूल पर टैक्स लगाया, फिर हमारे सपनों पर टैक्स लगाया। अब सवारी करने पर चार्ज और कैंसिल करने पर जुर्माना। फिर भी कहते हैं ये अमृत काल है - पर किसके लिए? मिडल क्लास के लिए तो नहीं।"
KM_KM नाम के यूजर ने लिखा, "सरकार ने उबर, ओला, रैपिडो को 1.5 गुना से बढ़ाकर 2 गुना पीक प्राइसिंग की इजाजत दी है। पहले आपकी कार बैन की, फिर महंगी टैक्सी की मजबूरी और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का कोई विकल्प नहीं। आप कुछ नहीं रखेंगे और फिर भी... खुश रहेंगे या दुखी?"
यह भी पढ़ें - EV Tax: एक जुलाई से महंगी इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर टैक्स शुरू, लेकिन कुछ लोग ऐसे कर सकते हैं बचत
कांग्रेस का सरकार पर तंज
इस मुद्दे पर कांग्रेस ने भी सरकार को आड़े हाथों लिया। कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा, "अगर आप ओला, उबर या रैपिडो से चलते हैं तो अब और ज्यादा पैसे देने के लिए तैयार हो जाइए। सरकार ने इन कंपनियों को पीक टाइम में किराया दोगुना करने और राइड कैंसिल करने पर 10 प्रतिशत जुर्माना लगाने की इजाजत दे दी है। धन्यवाद मोदी जी।"
यह भी पढ़ें - EV: इस राज्य में अब ईवी और वैकल्पिक ईंधन से चलने वाले कमर्शियल वाहनों को मिलेगा मुफ्त परमिट, जानें डिटेल्स
यह भी पढ़ें - TVS iQube: टीवीएस आईक्यूब इलेक्ट्रिक स्कूटर का नया वेरिएंट लॉन्च, जानें कीमत, रेंज और फीचर्स