1 जुलाई की अधिसूचना से साफ हुआ नियम
सरकार ने यह निर्देश 1 जुलाई को जारी की गई एक अधिसूचना में दिया। मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 की धारा 66(3)(n) और 96(xxxiii) के तहत यह अधिकार इस्तेमाल करते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है कि अब ऐसे सभी नए और पहले से रजिस्टर्ड इलेक्ट्रिक, मेथनॉल या एथनॉल से चलने वाले वाहनों को मुफ्त परमिट जारी किया जाएगा। बशर्ते वे बिना परमिट के ऑपरेट कर रहे हों।
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पुराना आदेश वापस लिया गया
इसके साथ ही सरकार ने 20 जनवरी 2022 का वह पुराना आदेश भी वापस ले लिया है, जिसमें इन वाहनों को परमिट की जरूरत से ही पूरी तरह छूट दी गई थी। अब नई नीति के तहत भले ही परमिट लेना जरूरी होगा, लेकिन उसके लिए कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा। सरकार ने बताया कि यह कदम "कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक हित" को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
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अब कमर्शियल रजिस्ट्रेशन की राह साफ
इस नए आदेश से राज्य में बैटरी से चलने वाले वाहनों का कमर्शियल रजिस्ट्रेशन आसान हो जाएगा। अब तक इलेक्ट्रिक गाड़ियों को अधिकतर सिर्फ निजी उपयोग के लिए ही रजिस्टर्ड किया जा रहा था। लेकिन अब वे परिवहन यानी कमर्शियल श्रेणी में भी आधिकारिक रूप से पंजीकृत हो सकेंगी।
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