Atum Charge Solar Powered Charging Station
- फोटो : Atum Charge
देश के पहले 100 प्रतिशत आत्मनिर्भर, सौर ऊर्जा से चलने वाले चार्जिंग स्टेशन Atum Charge (एटम चार्ज) ने मंगलवार को एलान किया कि उसने देश भर में 250 यूनिवर्सल इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) चार्जिंग स्टेशन लगाए हैं। जिनमें से 48 तेलंगाना को मिले हैं, इसके बाद तमिलनाडु में 44 चार्जिंग स्टेशन हैं। महाराष्ट्र में 36, ओडिशा में 24, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में 23, उत्तर प्रदेश में 15 और हरियाणा में 14 चार्जिंग स्टेशन लगाए गए हैं। अपनी तरह का अनोखे इस ईवी चार्जिंग स्टेशन में बिजली पैदा करने वाले सौर छतों का इस्तेमाल किया गया है।
क्या हैं इसके फायदे
एटम चार्ज ने एक प्रेस बयान में बताया कि पारंपरिक चार्जिंग स्टेशन थर्मल पावर से पैदा होने वाली बिजली का इस्तेमाल करते हैं। जबकि उसके चार्जिंग स्टेशन आत्मनिर्भर हैं और पावर ग्रिड पर दबाव नहीं डालते हैं। आगे यह भी अनुमान लगाया गया है कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या के साथ, पारंपरिक चार्जिंग स्टेशन बिजली उत्पादन पर ज्यादा दबाव डालेंगे। लेकिन सौर ऊर्जा के उपयोग से यह काफी हद तक कम हो जाएगा।
कंपनी का लक्ष्य
एटम चार्ज के संस्थापक वामसी गद्दाम कहते हैं, 'थर्मल पावर स्टेशनों को चरणबद्ध तरीके से बंद करना और उन्हें सौर ऊर्जा संचालित स्टेशनों से बदलना हमारा अंतिम लक्ष्य है। हमारा लक्ष्य शून्य उत्सर्जन, नेट जीरो फेसिलिटी, एक स्थायी नेटवर्क और हमेशा के लिए हरियाली है। परिवर्तन शुरू हो गया है और पहिया हमारा है।"
कितनी जगह चाहिए
250 सौर ऊर्जा से चलने वाले चार्जिंग स्टेशन टियर I और टियर II शहरों पर ध्यान केंद्रित करते हुए स्थापित किए गए हैं। हर स्टेशन के लिए लगभग 200 वर्ग फुट जगह की जरूरत होती है जिसे पूरी तरह से इंस्टॉल करने के लिए लगभग दो हफ्ते लगते हैं। कंपनी का कहना है कि लागत उपलब्ध जगह पर निर्भर करती है।
और अन्य चार्जिंग स्टेशनों की स्थायी प्रकृति में और मदद करने के लिए, एटम चार्ज ने कहा कि यह सोलर रूफ की आपूर्ति के लिए अन्य मालिकों के साथ साझेदारी कर रहा है।