कई लग्जरी वाहनों में एआई-संचालित ड्राइवर मॉनिटरिंग सिस्टम लगे होते हैं, जो इंफ्रारेड कैमरों के जरिए आंखों की मूवमेंट, सिर की पोजीशन और पलक झपकने के पैटर्न को ट्रैक करते हैं। अगर सिस्टम को थकान या डिस्ट्रैक्शन का संकेत मिलता है, तो वह अलर्ट जारी करता है। कुछ एडवांस सेटअप में वाहन हाई-लेवल ऑटोनॉमस मोड में जाकर खुद को सुरक्षित तरीके से रोक भी सकता है। यह सुरक्षा परत सामान्य ड्राइविंग के दौरान लगभग अदृश्य रहती है।
प्रेडिक्टिव कोलिजन अवॉइडेंस: हादसे से पहले तैयारी
पारंपरिक सिस्टम खतरा दिखने के बाद प्रतिक्रिया देते हैं, लेकिन AI रडार, कैमरों और अन्य सेंसर से मिले डेटा का विश्लेषण कर आगे की स्थिति का अनुमान लगाता है। यह अन्य वाहनों, साइकिलिस्ट या पैदल यात्रियों की संभावित मूवमेंट का अनुमान लगाकर ब्रेकिंग या स्टीयरिंग असिस्ट पहले ही शुरू कर सकता है। यही तकनीक आधुनिक एडवांस्ड ड्राइवर-असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) की रीढ़ मानी जाती है।
ये भी पढ़े: दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की डिजिटल लोक अदालत: अब घर बैठे निपटाएं पेंडिंग चालान, कोर्ट जाने झंझट खत्म; जानें कैसे
पर्सनलाइज्ड केबिन: कार जो आपको पहचानती है
एआई बायोमेट्रिक्स के जरिए ड्राइवर को पहचान सकता है, चाहे वह चेहरा हो या आवाज। इसके बाद सीट पोजीशन, मिरर एंगल, क्लाइमेट कंट्रोल, इंफोटेनमेंट सेटिंग्स और ड्राइविंग असिस्ट सेंसिटिविटी खुद-ब-खुद एडजस्ट हो जाती है। कुछ सिस्टम ड्राइवर के मूड या तनाव स्तर का अनुमान लगाकर लाइटिंग, तापमान या म्यूजिक भी बदल सकते हैं। ये सब बिना अतिरिक्त बटन प्रेस किए होता है।
नैचुरल-लैंग्वेज वॉइस असिस्टेंट: बातचीत जैसा कंट्रोल
कन्वर्सेशनल एआई ड्राइवर को रोजमर्रा की भाषा में कमांड देने की सुविधा देता है। इसमें नेविगेशन, कॉल मैनेजमेंट, वाहन की जानकारी या एंटरटेनमेंट सब कुछ वॉइस से कंट्रोल किया जा सकता है। इससे ड्राइवर का ध्यान सड़क से हटे बिना काम हो जाता है।
कार में ओवर-द-एयर अपडेट्स क्या होता है?
अब लग्जरी कारें स्मार्टफोन की तरह रिमोट सॉफ्टवेयर अपडेट प्राप्त करती हैं। इन ओवर-द-एयर (OTA) अपडेट्स के जरिए सुरक्षा फीचर बेहतर हो सकते हैं। नई क्षमताएं जोड़ी जा सकती है और एआई मॉडल अपग्रेड किए जा सकते हैं। ड्राइवर को अक्सर पता भी नहीं चलता कि कार की इंटेलिजेंस और परफॉर्मेंस पहले से बेहतर हो चुकी है।
ये भी पढ़े: EV: ईवी में बाजार से एक्सेसरी लगाना सुरक्षित है या नहीं? मॉडिफिकेशन से पहले सोचें, बैटरी और जेब दोनों बचाएं
इसे देखते हुए ऑटो एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले समय में ऑटोमोटिव इनोवेशन का असली कमाल वही होगा, जो कम दिखाई देगा, लेकिन ड्राइविंग काे ज्यादा सुरक्षित, सहत और स्मार्ट बनाएगा।