भारत की ऑटो इंडस्ट्री को मिला वैश्विक सम्मान
- शैलेश चंद्रा की यह नियुक्ति भारत की तेजी से बढ़ती ऑटोमोबाइल ताकत को दर्शाती है।
- OICA की स्थापना 1919 में पेरिस में हुई थी, और यह दुनिया भर के 36 देशों की ऑटोमोबाइल एसोसिएशनों का प्रतिनिधित्व करती है।
- यह संस्था मोबिलिटी, सेफ्टी, सस्टेनेबिलिटी और रेगुलेशन जैसे विषयों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करती है।
इससे पहले भी भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री ने वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाई थी। 2020 में बजाज ऑटो के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर राकेश शर्मा को इंटरनेशनल मोटरसाइकिल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (IMMA) का अध्यक्ष चुना गया था।
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टाटा मोटर्स के साथ लंबा सफर
शैलेश चंद्रा का सफर टाटा मोटर्स के साथ 1995 में बतौर प्रोडक्शन मैनेजर शुरू हुआ था। करीब तीन दशकों से वे कंपनी के साथ जुड़े हुए हैं और उन्होंने टाटा के पैसेंजर व्हीकल बिजनेस को एक नई दिशा दी।
2018 से उन्होंने टाटा की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी डिवीजन की कमान संभाली और टाटा को भारत का अग्रणी ईवी निर्माता बना दिया। उनके नेतृत्व में कंपनी ने न केवल नए इनोवेटिव प्रोडक्ट्स लॉन्च किए, बल्कि बिजनेस रिवाइवल और सस्टेनेबल मोबिलिटी की दिशा में भी मजबूत कदम बढ़ाए।
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शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय अनुभव
शैलेश चंद्रा ने IIT (BHU) वाराणसी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक और एस.पी. जैन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च से एक्जीक्यूटिव एमबीए किया है। 2012 में उन्होंने फुलब्राइट-सीआईआई-नेहरू फेलोशिप के तहत कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी (अमेरिका) से बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन और सस्टेनेबिलिटी पर रिसर्च की।
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सस्टेनेबल और समावेशी विकास की दिशा में सोच
अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए शैलेश चंद्रा ने कहा, "दुनिया की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री अब सस्टेनेबल मोबिलिटी और नेट जीरो उत्सर्जन की ओर बढ़ रही है। ऐसे समय में OICA की भूमिका बहुत अहम है। हमें हर क्षेत्र की विविधता को समझते हुए ऐसे वाहन बनाने हैं जो सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल और लोगों के लिए प्रेरणादायक हों।"
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वैश्विक नेतृत्व में बदलाव
शैलेश चंद्रा ने जॉन बोजेला (अमेरिका की अलायंस फॉर ऑटोमोटिव इनोवेशन के अध्यक्ष और सीईओ) की जगह ली है। इसके साथ ही जर्मनी की ऑटोमोबाइल एसोसिएशन (VDA) की प्रेसिडेंट हिल्डेगार्ड मुलर को OICA का वाइस प्रेसिडेंट चुना गया है। यह कदम वैश्विक सहयोग और नीतिगत तालमेल को मजबूत करने की दिशा में माना जा रहा है।
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भारत की ग्लोबल ऑटो इंडस्ट्री में बढ़ती भूमिका
शैलेश चंद्रा की नियुक्ति भारत की ग्लोबल ऑटोमोबाइल लीडरशिप में बढ़ती भागीदारी का सबूत है। जैसे-जैसे भारत इलेक्ट्रिक और सस्टेनेबल व्हीकल्स की ओर बढ़ रहा है, उनका OICA में नेतृत्व भारत की आवाज को और बुलंद करेगा। यह कदम भारत को भविष्य के वाहन मानकों और पर्यावरणीय नीतियों को आकार देने में अहम भूमिका निभाने का मौका देगा।
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