स्ट्रीट लाइट बंद होने की बड़ी वजह सामने आई
एनएचएआई ने आरटीआई के जवाब में यह भी स्वीकार किया कि इस हाईवे के कई हिस्सों में स्ट्रीट लाइट्स काम नहीं कर रही हैं। इसकी मुख्य वजह बिजली के केबल, पैनल और लाइटिंग उपकरणों की चोरी बताई गई है, जिससे रात के समय हादसों का खतरा और बढ़ जाता है।
यह भी पढ़ें - Traffic Violation: लैम्बॉर्गिनी कार से खतरनाक ड्राइविंग, वीडियो वायरल होते ही बंगलूरू पुलिस ने गाड़ी की जब्त
कब शुरू होगा स्ट्रीट लाइट मरम्मत का काम?
रिपोर्ट के मुताबिक, एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर योगेश तिलक ने बताया कि स्ट्रीट लाइट्स की मरम्मत और रखरखाव के लिए एक विशेष ठेकेदार नियुक्त किया जा रहा है। उनके अनुसार, इस दिशा में काम 10 मार्च 2026 तक शुरू हो जाएगा। इसके लिए ऑपरेशन और मेंटेनेंस का टेंडर खोला जा चुका है। और फिलहाल तकनीकी मूल्यांकन की प्रक्रिया चल रही है।
यह भी पढ़ें - Traffic Jam: दुबई में घंटों जाम में फंसे ऑफिस जाने वाले, सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा- बदनाम सिर्फ बंगलूरू होता है!
सड़क सुरक्षा के लिए कौन से इंतजाम किए गए?
एनएचएआई का कहना है कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ठेकेदार द्वारा आईआरसी गाइडलाइंस के अनुसार डायवर्जन बनाए गए हैं। इसके अलावा:
- डायवर्जन बोर्ड लगाए गए हैं
- ब्लिंकिंग लाइट्स का इस्तेमाल किया गया है
- निर्माण स्थलों पर उचित बैरिकेडिंग की गई है
इन उपायों का उद्देश्य काम के दौरान यातायात को सुरक्षित तरीके से संचालित करना है।
यह भी पढ़ें - Wrong-Side Driving: गलत दिशा में वाहन चलाने पर दिल्ली में सख्ती, 17 दिनों में 150 से ज्यादा एफआईआर
फ्लाईओवर और निर्माण कार्य की स्थिति
इस पूरे स्ट्रेच पर कुल 14 फ्लाईओवर हैं, जिनमें से 5 फ्लाईओवर अभी निर्माणाधीन हैं। एनएचएआई ने बताया कि इन फ्लाईओवरों पर भी स्ट्रीट लाइट्स को चालू करने की योजना है।
यह भी पढ़ें - High Ground Clearance SUV: ये हैं बेहतरीन ग्राउंड क्लीयरेंस वाली टॉप-5 एसयूवी, कीमत 7-12 लाख रुपये तक
बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन
एनएचएआई ने जानकारी दी कि स्ट्रीट लाइट्स को चालू करने के लिए दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) को बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन भेज दिया गया है। जैसे ही स्वीकृति मिलेगी, मौजूदा और निर्माणाधीन दोनों तरह के फ्लाईओवरों पर लाइट्स चालू कर दी जाएंगी।
यह भी पढ़ें - Traffic Rules: एक साल में पांच चालान कटे तो निलंबित हो सकता है ड्राइविंग लाइसेंस, इसमें ई-चालान भी है शामिल
RTI से उजागर हुई जमीनी हकीकत
यह आरटीआई गुरुग्राम निवासी यशवेंद्र यादव द्वारा दायर की गई थी। जिसके जवाब से साफ होता है कि बुनियादी सुविधाओं की कमी और रखरखाव में देरी जानलेवा साबित हो रही है। अब देखना होगा कि एनएचएआई द्वारा किए गए वादे जमीन पर कितनी जल्दी और कितनी प्रभावी तरीके से लागू होते हैं।
यह भी पढ़ें - EV vs Petrol: ईवी बनाम पेट्रोल बहस, भाविश अग्रवाल के 90% सस्ते दावे पर सवाल, सोशल मीडिया ने किया फैक्ट-चेक