अभी कितना टैक्स देना पड़ता है
मौजूदा जीएसटी स्ट्रक्चर में टैक्स इंजन क्षमता और गाड़ी की लंबाई के आधार पर तय होता है। छोटे पेट्रोल कारों पर कुल टैक्स 29 प्रतिशत लगता है, वहीं एसयूवी पर यह बोझ 50 प्रतिशत तक चला जाता है।
लेकिन 22 सितंबर से लागू होने वाले जीएसटी 2.0 में नए नियम लागू होंगे। इसमें:
पेट्रोल कारें (1,200cc तक) और डीजल कारें (1,500cc तक) पर सिर्फ 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा।
इससे बड़ी गाड़ियों पर 40 प्रतिशत टैक्स लगेगा।
यानि छोटे इंजन वाली कारें काफी सस्ती हो जाएंगी और बड़ी गाड़ियों पर भी कुल टैक्स पहले से कम हो जाएगा।
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अब सेस क्यों नहीं लगेगा
जीएसटी 2.0 के तहत ऑटोमोबाइल पर कंपनसेशन सेस पूरी तरह खत्म हो जाएगा। इसका मतलब है कि अब गाड़ियों पर सिर्फ तय जीएसटी स्लैब के हिसाब से टैक्स लगेगा, कोई अतिरिक्त बोझ नहीं।
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कंपनियों की चिंता क्या है
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑटो कंपनियों ने सरकार के सामने चिंता जताई है कि उनकी बुक्स में जमा सेस (2,500 करोड़ रुपये) का क्या होगा। उन्होंने मांग की है कि या तो इस रकम को उनकी टैक्स लाइबिलिटी से एडजस्ट करने दिया जाए या फिर इसका रिफंड दिया जाए।
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