कंपनी ने पहले से ही कर लिया था तैयारी शुरू
आयशर मोटर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर बी. गोविंदराजन ने क्वार्टरली रिजल्ट्स के बाद एक कॉल में बताया, "हमने तीन-चार महीने पहले ही रेयर अर्थ मैग्नेट का विकल्प तलाशना शुरू कर दिया था। अब वह मटेरियल मंगाना कोई बड़ी समस्या नहीं है।"
इसका मतलब है कि कंपनी ने इस कमी से निपटने के लिए पहले से रणनीति बना ली थी और अब स्थिति नियंत्रण में है।
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चीन की पकड़, भारत की तैयारी
रेयर अर्थ मैग्नेट्स मोटर्स और इलेक्ट्रिक गाड़ियों में बेहद जरूरी होते हैं, और इनका 90 प्रतिशत उत्पादन चीन के पास है। चीन द्वारा एक्सपोर्ट रोकने के बाद पूरी ग्लोबल ऑटो इंडस्ट्री में हलचल मच गई है।
भारत में कई टू-व्हीलर निर्माता अब रेयर अर्थ मैग्नेट के विकल्प तलाशने में जुट गए हैं।
TVS Motor (टीवीएस मोटर), जो भारत की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनियों में से एक है, उसने भी नए विकल्पों की खोज शुरू कर दी है।
Ola Electric (ओला इलेक्ट्रिक) ने पहले ही घोषणा कर दी है कि उसने ऐसा मोटर डिजाइन कर लिया है जिसमें रेयर अर्थ से मुक्त टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। और यह मोटर दिसंबर क्वार्टर से गाड़ियों में इस्तेमाल होने लगेगा।
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Eicher Motors का मुनाफा उम्मीद से ज्यादा
रॉयल एनफील्ड की पेरेंट कंपनी आयशर मोटर्स ने जून 30 को खत्म हुए क्वार्टर में शानदार मुनाफा कमाया। कंपनी का शुद्ध लाभ रहा 12.05 अरब रुपये (करीब 137.6 मिलियन डॉलर), जो कि पिछले साल इसी तिमाही के 11.01 अरब रुपये से कहीं ज्यादा है।
यह मुनाफा विश्लेषकों के अनुमान 11.17 अरब रुपये से भी ज्यादा रहा। जो दिखाता है कि घरेलू और इंटरनेशनल मार्केट दोनों में रॉयल एनफील्ड की मांग मजबूत बनी हुई है।
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